1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. अब स्टीफन हॉकिंस करेंगे एलियंस की खोज!

अब स्टीफन हॉकिंस करेंगे एलियंस की खोज!

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 14, 2016 12:38 pm IST,  Updated : Apr 14, 2016 12:39 pm IST

एलियंस के इस जीवन की खोज के लिए एक रूसी खरबपति इस स्टारशॉट कार्यक्रम को स्टीफन हॉकिंस के साथ करना चाहते हैं।

stephen hawking- India TV Hindi
stephen hawking

न्यूयॉर्क:  आए दिन वैज्ञानिक इस चीज की खोज करते रहते हैं कि धरती में कहीं एलियंस हैं भी या नहीं। आपको बता दें कि एलियंस के इस जीवन की खोज के लिए एक रूसी खरबपति इस स्टारशॉट कार्यक्रम को स्टीफन हॉकिंस के साथ करना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि दुनिया की भलाई के लिए हमें पृथ्वी का कोई और दूसरा विकल्प भी सोचना होगा। इस रूसी खरबपति का नाम यूरी मिलनर है। यूरी ने इस कार्यक्रम को स्टीफन हॉकिंग के साथ शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत 'नैनोक्राफ्ट' को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा, और यह नैनोक्राफ्ट ब्रह्मांड का कोना कोना छानकर दूसरी दुनिया के बारे  में जानकारी इकट्ठू करेंगे।

ये नैनोक्राफ्ट सबसे पहले अल्फा सेंचुरी पर जाएंगे। अल्फा सेंचुरी में पहुंचने के लिए इन नैनोक्राफ्ट को कम से कम 20 साल का समय लगेगा। इन नैनोक्राफ्ट का साइज एप्पल के एक आईफोन जितना है। अगर यह तेज उड़ान भरंगे तो तभी यह कार्यक्रम सफल होगा। इन्हें जल्द ही ऐसा बनाया जाएगा, जब ये प्रकाश की गति का कम से कम 20% तेजी हासिल कर ले।

yuri milner
yuri milner

इस कार्यक्रम के लिए यूरी ने स्टीफन हॉकिंस के साथ प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें उन्होंने बताया कि वो अबतक एलियंस की खोज में 100 मिलियन डॉलर खर्च कर चुके हैं। पर वो हार नहीं माने हैं। अब वो 100 मिलियन डॉलर और खर्च कर रहे हैं, ताकि उन्हें पृथ्वी का विकल्प मिल सके।

इस समय माना जा रहा है कि  सेंचुरी ग्रह पर जीवन की संभावनाएं हैं। यह ग्रह पृथ्वी से 4.2 प्रकाश वर्ष दूर हैं। यहां तक पहुंचने में इन नैनोक्राफ्ट को 20 साल लग जाएंगे। उन्हें यहां धरती से लेजर तकनीकी से जोड़कर रखा जाएगा, ताकि वो उसी गति से सेंचुरी की तस्वीरें भेज सकें। इन नैनोक्राफ्ट का साइज सिर्फ एक आईफोन जितना होगा और वो हाईक्वॉलिटी कैमरों में लैस होंगे।

बता दें कि ये प्रोजेक्ट बेहद पेचीदा भी लग रहा है। क्योंकि इंसानों के पास फिलहाल सबसे तेजी से अंतरिक्ष की दुनिया में घुसने की जो गतिमान एयरक्राफ्त है, वो वोयागर 1 है। वोयागर सबसे तेज उड़ान भरने में सक्षम है, पर अभी उसकी जितनी ताकत है, वो पूरी ताकत लगा ले तब भी सेंचुरी ग्रह तक पहुंचने में उसे 70 हजार साल लग जाएंगे। ऐसे में नैनोक्राफ्ट कितने सफल होंगे, ये आने वाला वक्त ही बताएगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश