ह्यूस्टन: घर की बनी एक घड़ी को स्कूल लाने के लिए जिस मुस्लिम किशोर को गिरफ्तार किया गया था, वह पढ़ाई के लिए कतर जा रहा है। इस घड़ी को भूलवश बम समझकर किशोर को गिरफ्तार किया गया था। कल राष्ट्रपति ओबामा से मिलकर आए इस किशोर के कतर जाने की जानकारी उसके परिवार ने दी है। इस घटना के बाद नौंवी कक्षा का 14 वर्षीय छात्र अहमद मोहम्मद इंटरनेट पर एक सनसनी बन गया था। अहमद ने कतर फाउंडेशन की ओर से यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम के तहत अध्ययन का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। उसके परिवार ने एक बयान में कहा, इसका अर्थ यह है कि हम, एक परिवार के रूप में कतर जाकर बसेंगे, जहां अहमद को माध्यमिक और स्नातक शिक्षा के लिए पूरी छात्रवृत्ति मिलेगी।
अहमद के परिवार ने कहा कि फाउंडेशन उसके हाईस्कूल और स्नातक शिक्षा के लिए धन देगा। इस सप्ताह कतर में बिताए अपने वक्त के बारे में अहमद ने एक बयान में कहा, मैंने एजुकेशन सिटी में बिताए समय का वाकई आनंद लिया। वहां मैं अपने जैसे उन अन्य बच्चों से मिला, जो यंग इनोवेटर्स प्रोग्राम का हिस्सा थे। अहमद ने कहा, कतर एक बढि़या जगह है। मुझे दोहा शहर पसंद आया क्योंकि वह बेहद आधुनिक है। मैंने वहां कई अदभुत स्कूल देखे। उनमें से कई के परिसर मशहूर अमेरिकी विश्वविद्यालयों जैसे थे। शिक्षक बहुत बढि़या थे। मुझे लगता है कि मैं बहुत कुछ सीखूंगा और बहुत आनंद भी आएगा।
परिवार ने कतर जाने के फैसले की घोषणा व्हाइट हाउस में ओबामा की मेजबानी में एस्ट्रोनॉमी नाइट में अहमद द्वारा शिरकत किए जाने के कुछ ही घंटे बाद की। टेक्सास के इस लड़के को 14 सितंबर को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब उसने अपने स्कूल में शिक्षक को घर में बनाई गई घड़ी दिखाई। शिक्षक उसे बम समझकर डर गए। अहमद के खिलाफ कोई आरोप दर्ज नहीं किए गए थे लेकिन उसे हिरासत में लिए जाने से नस्ली पहचान के आरोप व्यापक स्तर पर भड़क गए थे। इसके साथ ही इस्लाम, आव्रजन और जातीयता के मुद्दों पर व्यापक बहस छिड़ गई थी।