वाशिंगटन: अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी का उम्मीदवार बनने की प्रबल दावेदार हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि कट्टरपंथी जिहाद ने खतरनाक रूप धारण कर लिया है और यह पहले से अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथ के परिणाम अब अमेरिकी तटों तक पहुंचने लगे हैं। हिलेरी ने शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक के समक्ष आईएसआईएस और अन्य आतंकवादी समूहों की संचार करने और आनलाइन प्रचार करने की क्षमता को रोकने की महत्ता पर बल दिया। हिलेरी ने ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशंस सबन फोरम 2015 को संबोधित करते हुए कहा, आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई अत्यावश्यक है.. कट्टरपंथी जिहाद का खतरा अगले चरण में पहुंच गया है और यह अधिक जटिल एवं चुनौतीपूर्ण बन गया है। हम इंटरनेट द्वारा भड़काए जा रहे कट्टरपंथ के परिणाम दूरस्थ जमीन पर ही नहीं बल्कि यहां अपने देश में भी देख रहे हैं।
उन्होंने कहा, यह आतंकवाद और तकनीक का मेलजोल है और हमें इसे खत्म करने के लिए काफी काम करने की आवश्यकता है। यह बेहद कठिन है, अमेरिका को अब डर को छोड़कर समाधान की ओर बढ़ना होगा। अमेरिका ने इससे पहले इससे भी बड़े खतरों को मात दी है और हम इसे भी हरा देंगे। हिलेरी ने कहा कि समाधान से उनका मतलब है कि जिस प्रकार अमेरिका उन्हें वास्तविक जमीन से वंचित कर रहा है, उसी तरह जिहादियों को वर्चुअल जमीन से भी वंचित कर देना चाहिए। वे किसी का सिर काटने, भावी आतंकवादियों की भर्ती करने और हमलों का आह्वान करने के लिए वेबसाइटों, सोशल मीडिया , चैट रूम और अन्य मंचों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
हिलेरी ने कहा, हमें इन्हें :इंटरनेट से: हटाने के लिए सेवा प्रदाता कंपनियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए । समय आ गया है कि इस समस्या से एकसाथ मिलकर निपटने के लिए सिर्फ सरकार के भीतर ही नहीं बल्कि सरकार और उच्च तकनीकी समुदाय के बीच भी तत्काल बातचीत हो। पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य आईएसआईएस को हराने का होना चाहिए, उन्हें रखने का नहीं।