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पाकिस्तानी गृहमंत्री ने कहा, CPEC को भारत के नजरिए से न देखे अमेरिका

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 12, 2017 05:24 pm IST,  Updated : Oct 12, 2017 05:24 pm IST

पाकिस्तान के गृह मंत्री अहसान इकबाल ने कहा है कि वॉशिंगटन को अरबों डॉलर की इस परियोजना को भारत के नजरिए से नहीं देखना चाहिए क्योंकि...

Ahsan Iqbal- India TV Hindi
Ahsan Iqbal | AP Photo

वॉशिंगटन: चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) पर अमेरिका की चिंताओं को पाकिस्तान ने खारिज कर दिया है। इस मसले पर पाकिस्तान के गृह मंत्री अहसान इकबाल ने कहा है कि वॉशिंगटन को अरबों डॉलर की इस परियोजना को भारत के नजरिए से नहीं देखना चाहिए क्योंकि यह एक ऐसा मंच सुलभ कराएगा जो सबको फायदा पहुंचाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इकबाल ने अपने बयान में कहा कि CPEC दक्षिण और मध्य एशिया, पश्चिमी और अफ्रीकी देशों को आर्थिक गलियारे के माध्यम से भौगोलिक तौर पर जोड़ने के लिए एक मंच उपलब्ध कराएगा।

50 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत वाला CPEC पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से होकर गुजरेगा जिसको लेकर भारत ने चीन को अपने विरोध के बारे में बता दिया है। इसमें सियाचिन ग्लेशियर समेत काराकोरम पर्वत श्रृंखला का क्षेत्र भी शामिल होगा। भारत CPEC का एक कड़ा आलोचक रहा है और उसका मानना है कि यह परियोजना उसके प्रभुता का उल्लंघन करती है क्योंकि यह PoK से गुजर रही है। अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने पिछले हफ्ते कहा था कि CPEC विवादित क्षेत्र से गुजरता है और अमेरिका इस तथ्य की अनदेखी नहीं कर सकता। हालांकि इकबाल ने कहा कि CPEC को लेकर अमेरिका की चिंता निराधार है।

इकबाल यहां जॉन्स हॉपकिन्स स्कूल ऑफ अडवान्स्ड इंटरनेशनल स्टडीज में मुख्य वक्त थे। उन्होंने कहा, ‘यह सबको फायदा पहुंचाएगा और एक ऐसा मंच है जो दक्षिण और मध्य एशिया, पश्चिमी और अफ्रीकी देशों को आर्थिक गलियारे के माध्यम से भौगोलिक तौर पर जोड़ने के लिए एक मंच उपलब्ध कराएगा। इसलिए मेरा मानना है कि अमेरिका को CPEC को भारत के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। CPEC इस क्षेत्र में बहुप्रतिक्षित स्थिरता ला सकता है जो पिछले कई दशकों से युद्ध से प्रभावित रहा है। अगर अमेरिका इस क्षेत्र को भारत के नजरिए से देखेगा तो इससे क्षेत्र के साथ ही अमेरिकी हितों को भी नुकसान होगा। इसलिए जरूरी है कि अमेरिका इस स्थिति को स्वतंत्र दृष्टिकोण से देखे, किसी और के नजरिए से नहीं।’

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