वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की आंखों से उस समय आंसू छलक गए जब उन्होंने देश में बंदूकों पर सख्त नियंत्रण रखने के लिए अपनी योजना पेश की। कनेक्टिक्ट के न्यूटाउन में दिसंबर 2012 की एक हिंसा में जान गंवाने वाले 20 स्कूली छात्रों को याद करते हुए राष्ट्रपति बराक ओबामा की आंखों से आंसू छलक गए। ओबामा ने कहा कि बंदूक रखने की आज़ादी का मतलब हिंसा करना नहीं है।
ओबामा की आंखों में क्यों आए आंसू?
ओबामा ने कहा, ‘हमारे जीने का हक, आजादी और खुशी की चाहत के अधिकार से ब्लैक्स बर्ग कॉलेज के बच्चे, सांटा बारबरा और कोलंबाइन के स्कूली बच्चे और न्यूटाउन के पहली क्लास के बच्चे महरूम कर दिए गए। पहली क्लास के बच्चे भी और उन सभी परिवारों से भी वो अधिकार छीन लिए गए जिन्होंने कभी नहीं सोचा था कि बंदूक की गोली उनके प्यारे बच्चों को उनकी जिंदगी से दूर कर देगी।’
बच्चों के बारे में बोलते-बोलते अचानक ओबामा की आंखें नम हो गई और वो रो पड़े। तीन साल पहले दो सिरफिरों ने न्यूटॉउन के स्कूल में घुस कर बीस बच्चों को मार डाला था। उन बच्चों को याद करने के लिए लोगों की भीड़ जुटी थी। मासूमों को याद करते वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति भी अपना दर्द नहीं छिपा पाए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, जब भी उन बच्चों को याद करता हूं, तो मैं परेशान हो जाता हूं और वैसे भी, ये तो शिकागो की सड़कों पर हर रोज होता है।
बता दें कि अमेरिका में 2012 से अब तक 990 से ज्यादा गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं। इस गोलीबारी की घटनाओं में 600 बच्चों की मौत हो चुकी है।
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