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उत्तर कोरिया के स्पाई सैटेलाइट से डरा अमेरिका, अब खुद का खुफिया उपग्रह करेगा लॉन्च, इन पर रहेगी नजर

 Written By: Deepak Vyas @deepakvyas9826
 Published : Jun 07, 2023 01:27 pm IST,  Updated : Jun 07, 2023 01:27 pm IST

उत्तर कोरिया के जासूसी उपग्रह से चिंतित अमेरिका अब अपना खुद का जासूसी सैटेलाइट लॉन्च करेगा। इससे वह रूस और चीन की हरकतों पर नजर रख सकेगा।

उत्तर कोरिया के स्पाई सैटेलाइट से डरा अमेरिका, अब खुद का खुफिया उपग्रह करेगा लॉन्च, इन पर रहेगी नजर- India TV Hindi
उत्तर कोरिया के स्पाई सैटेलाइट से डरा अमेरिका, अब खुद का खुफिया उपग्रह करेगा लॉन्च, इन पर रहेगी नजर Image Source : FILE

North Korea-America: उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग लगातार बैलेस्टिक मिसाइलों के परीक्षण से जापान और दक्षिण कोरिया पर दहशत बनाए हुए है। उत्तर कोरिया ने जासूसी उपग्रह लॉन्च किया था, तो अमेरिका ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उत्तर कोरिया के जासूसी उपग्रह से चिंतित अमेरिका अब अपना खुद का जासूसी सैटेलाइट लॉन्च करेगा। इससे वह रूस और चीन की हरकतों पर नजर रख सकेगा। 

जानकारी के अनुसार अमेरिका ने रूस और चीन की अंतरिक्ष में बढ़ती ताकत को मात देने की योजना बना ली है। यही कारण है कि अमेरिकी स्पेस फोर्स अगले कुछ महीनों में जासूसी सैटेलाइट्स को लॉन्च करेगी। उत्तरी कोरिया के सैटेलाइट लॉन्च के समय अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता एडम हॉग ने कहा था कि वॉशिंगटन उत्तर कोरिया की ओर से जासूसी उपग्रह प्रक्षेपण की कड़ी निंदा करता है, क्योंकि उसने प्रतिबंधित बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक का प्रयोग किया, तनाव बढ़ाया। 

हालांकि, उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन की बहन ने अमेरिका की इस टिप्पणी पर पलटवार किया था और उस पर 'गैंगस्टर जैसा’ पाखंड करने का आरोप लगाया था। वहीं, कुछ दिन पहले ही ऐसी रिपोर्ट आई थी कि चीन की एक सैटेलाइट ने अंतरिक्ष के अंदर अमेरिकी सैटेलाइट की जासूसी की थी। इससे अमेरिकी रक्षा विभाग में हड़कंप मच गया था।

सैटेलाइट्स में होंगी ये खूबियां

साइलेंट बार्कर नाम से बुलाया जाने वाला सैटेलाइट्स का यह नेटवर्क जमीन आधारित सेंसर्स और पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित उपग्रहों की क्षमता बढ़ाने में अपनी तरह का पहला तंत्र होगा। इन सैटेलाइट्स को पृथ्वी से लगभग 35,400 किमी ऊपर रखा जाएगा और यह उसी गति से घूमता है, जिसे जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट के रूप में जाना जाता है। एनआरओ ने जानकारी देते हुए बताया कि साइलेंट बार्कर नाम से बुलाए जाने वाले सैटेलाइट्स को जुलाई के बाद लॉन्च किया जा सकता है। इसके लॉन्च करने की तारीख एक महीने पहले बताई जाएगी।

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