फ्लोरिडा: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज' को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कह दिया। हालांकि, तुरंत ही उन्होंने अपनी बात सुधारते हुए कहा कि यह 'हॉर्मुज' है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि उनसे 'ऐसी गलतियां नहीं होतीं'। फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, 'उन्हें स्ट्रेट ऑफ ट्रंप खोलना होगा। मेरा मतलब है, हॉर्मुज। माफ कीजिए, यह बहुत बड़ी गलती है। फेक न्यूज वाले कहेंगे कि यह गलती से कहा गया, लेकिन मुझसे ऐसी गलतियां नहीं होती हैं या बहुत कम होती हैं।'
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'ईरान समझौता करने के लिए बेताब है'
अपने भाषण में ट्रंप ने ईरान पर दबाव होने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है और समझौता करना चाहता है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने बातचीत के दौरान तेल के कई जहाज भेजे हैं। उन्होंने कहा, 'वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। उन पर इतना दबाव है कि कोई भी बातचीत करेगा। वे बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने माना भी कि वे बातचीत कर रहे हैं। पहले उन्होंने कहा कि वे तेल के 8 जहाज भेजेंगे, और अगले दिन मैंने टीवी पर देखा कि 8 जहाज निकल रहे हैं। फिर उन्होंने कहा कि 2 और जोड़ेंगे, और कुल 10 जहाज भेजे गए।'
'अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी'
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और अगर सब कुछ ठीक रहा तो कोई बड़ा समझौता हो सकता है। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी समझौते के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना जरूरी होगा। बता दें कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का एक बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल का परिवहन होता है। ट्रंप ने ईरान से इस रास्ते को जल्द खोलने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को 'पूरी तरह तबाह' कर सकता है।
ट्रंप ने तय की 6 अप्रैल की डेडलाइन
हालांकि, गुरुवार को ट्रंप ने अपनी तय समय सीमा को 10 दिन के लिए बढ़ा दिया है। अब नई डेडलाइन 6 अप्रैल तय की गई है, क्योंकि अमेरिका की तरफ से दोनों देशों के बीच बातचीत जारी होने की बात कही जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ ईरान ने ट्रंप के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है और इजरायल के साथ-साथ अपने पड़ोसी देशों पर हमले जारी रखे हैं।