Donald Trump Air Force-1: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नए Air Force-1 विमान को दुनिया को दिखा दिया है। Air Force-1, डोनाल्ड ट्रंप को कतर सरकार ने गिफ्ट किया है, जिसे बड़े बदलावों के बाद डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक विमान के तौर पर तैयार किया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'उड़ता हुआ व्हाइट हाउस' बताया है, जिसके जैसी भव्यता पहले कभी नहीं देखी गई है।
Air Force-1 के बाहरी स्वरूप में हुआ बदलाव
जॉइंट मिलिट्री बेस एंड्रूज पर आयोजित हुए एक कार्यक्रम के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप अपने नए विमान Air Force-1 से उतरकर मंच पर पहुंचे। इस दौरान, उनका पसंदीदा गाना 'God Bless the USA' बजाया गया। जान लें कि Air Force-1 के बाहरी स्वरूप में भी बड़ा परिवर्तन किया गया है। पुराने विमान के हल्के नीले कलर के बजाय अब इसके निचले भाग को नेवी ब्लू, बीच में लाल स्ट्रिप और ऊपर व्हाइट कलर दिया गया है। Air Force-1 पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आधिकारिक मुहर भी लगाई गई है।

Air Force-1 में बैठकर ट्रंप पहली बार में जाएंगे तुर्की
डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, Air Force-1 अगले महीने तुर्की में होने वाली NATO समिट में उनके दौरे में इस्तेमाल होगा। ट्रंप ने यह भी इशारा किया कि वह इस साल बाद में चीन का दौरा भी कर सकते हैं। ट्रंप के अनुसार, हाल ही में फ्रांस में हुए जी-7 समिट से उनकी वापसी पुराने Air Force-1 का आखिरी निर्धारित इंटरनेशनल ट्रैवल था।
कतर ने ट्रंप को दिया था 3773 करोड़ का तोहफा
गौरतलब है कि ट्रंप का नया विमान Air Force-1 कतर की तरफ से मिला लग्जरी बोइंग 747 जेट है, जिसकी कीमत 400 मिलियन डॉलर यानी करीब 3773.22 भारतीय रुपये है। इसका अभी ब्रिज एयरक्राफ्ट के रूप में इस्तेमाल होगा, जब तक कि अमेरिकन कंपनी Boeing की तरफ से बनाए जा रहे नए राष्ट्रपति विमान सेवा में नहीं आ जाते हैं। इन एयरोप्लेन्स की डिलीवरी अभी 2028 तक टल चुकी है।

ट्रंप के पद छोड़ने के बाद दान कर दिया जाएगा Air Force-1
हालांकि, कतर से मिले इस एयरोप्लेन को कबूल करने को लेकर ट्रंप की नैतिकता और कानूनी सवाल भी उठ चुके हैं। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने साफ भी कर चुके हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति का पद छोड़ने के बाद वह इस Air Force-1 का इस्तेमाल नहीं करेंगे और इसे फ्यूचर में दान कर दिया जाएगा।
सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है Air Force-1
अमेरिका की एयरफोर्स का कहना है कि एयरोप्लेन में सभी जरूरी सुरक्षा संबंधी बदलाव किए गए हैं। Air Force-1 अमेरिकी राष्ट्रपति के एयरोप्लेन के लिए निर्धारित कड़े सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है। वहीं, मौजूदा VC-25A एयरोप्लेन भी तब तक सेवा में रहेंगे, जब तक नए VC-25B एयरोप्लेन पूरी तरह से तैयार नहीं हो जाते है।
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