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मौत को मात देती ममता: ब्रेन-डेड प्रेग्नेंट महिला को 3 महीने तक वेंटिलेटर पर रखा, ताकि बच्चा ले सके जन्म

 Edited By: Khushbu Rawal
 Published : May 16, 2025 05:01 pm IST,  Updated : May 16, 2025 05:05 pm IST

30 वर्षीय एड्रियाना पांच साल के बेटे की मां और पेशे से नर्स थी। उसे फरवरी में मस्तिष्कीय रूप से मृत घोषित कर दिया गया था, यानी कानूनन वह मर चुकी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : FILE PHOTO

अटलांटा (अमेरिका): जॉर्जिया में ‘ब्रेन-डेड’ घोषित कर दी गई एक प्रेग्नेंट महिला को 3 महीने तक लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है, ताकि उसके गर्भ में पल रहा भ्रूण जन्म लेने के लिए पर्याप्त रूप से विकसित हो सके। महिला के परिवार का कहना है कि अस्पताल ने उन्हें बताया कि राज्य के सख्त गर्भपात विरोधी कानून के तहत ऐसा करना आवश्यक है। महिला की डिलीवरी की नियत तारीख में अभी 3 महीने हैं और यह इस तरह के मामलों में सबसे लंबी प्रेग्नेंसी में से एक हो सकती है। उसका परिवार इस बात से परेशान है कि जॉर्जिया का कानून जो हृदय संबंधी गतिविधि का पता चलने पर गर्भपात को बैन करता है, रिश्तेदारों को इस बारे में पक्ष रखने की अनुमति नहीं देता है कि प्रेग्नेंट महिला को वेंटिलेटर पर रखा जाए या नहीं।

फरवरी में ब्रेन डेड घोषित

एड्रियाना स्मिथ को फरवरी में मस्तिष्कीय रूप से मृत घोषित कर दिया गया था, यानी कानूनन वह मर चुकी है। यह जानकारी एड्रियाना की मां एप्रिल न्यूकिर्क ने अटलांटा टीवी स्टेशन डब्ल्यूएक्सआईए को दी। 30 वर्षीय एड्रियाना पांच साल के बेटे की मां और पेशे से नर्स थी। न्यूकिर्क ने बताया कि उनकी बेटी को तीन महीने से ज्यादा समय पहले तेज सिरदर्द हुआ था और जांच के बाद एमोरी यूनिवर्सिटी अस्पताल ने पाया कि उसके मस्तिष्क में खून के थक्के थे और उसे ‘ब्रेन-डेड’ घोषित कर दिया गया।

जीवन रक्षक उपकरणों को हटाने से हो सकती है भ्रूण की मौत

एड्रियाना की श्वास नलिका और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों को हटाने से उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण की मृत्यु हो सकती है। एमोरी हेल्थकेयर ने कहा कि वह गोपनीयता नियमों के कारण किसी व्यक्तिगत मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन उसने एक बयान जारी कर कहा कि वह ‘‘जॉर्जिया के गर्भपात कानूनों और सभी अन्य लागू कानूनों के अनुपालन में व्यक्तिगत उपचार सिफारिशें करने के लिए नैदानिक ​​विशेषज्ञों की आम सहमति, चिकित्सा और कानूनी मार्गदर्शन का उपयोग करता है।’’ उसने कहा, ‘‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं उन रोगियों की सुरक्षा और भलाई है जिनकी हम सेवा करते हैं।’’

एड्रियाना के परिवार का कहना है कि एमोरी के डॉक्टरों ने उन्हें बताया है कि उन्हें उन उपकरणों को बंद करने या हटाने की अनुमति नहीं है जिनसे एड्रियिना की सांसें चल रही हैं क्योंकि राज्य के कानून में हृदय संबंधी गतिविधि का पता लगने के बाद गर्भपात पर प्रतिबंध का प्रावधान है।

'जन्म के बाद शायद जीवित न रह पाए भ्रूण'

न्यूकिर्क ने चैनल से कहा कि डॉक्टरों ने परिवार को बताया है कि भ्रूण के मस्तिष्क में तरल पदार्थ है और वे उसके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। न्यूकिर्क ने कहा, ‘‘उसके गर्भ में मेरा नाती है। लेकिन वह अंधा हो सकता है, चलने में अक्षम हो सकता है, जन्म के बाद शायद जीवित न रह पाए।’’ उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या परिवार एड्रियिना को लाइफ सपोर्ट सिस्टम से हटाना चाहता है या नहीं। फिलाडेल्फिया स्थित थॉमस जेफ्रसन विश्वविद्यालय में मातृ-भ्रूण चिकित्सा मामलों के डायरेक्टर डॉ. विन्सेन्ज़ो बर्घेला ने कहा, "यह बहुत जटिल स्थिति है, जाहिर है, न केवल नैतिक रूप से, बल्कि चिकित्सकीय रूप से भी।" (भाषा इनपुट्स के साथ)

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