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UN में भारत ने खोली पाकिस्तान की पोल, 'फितना अल-हिंदुस्तान' को बताया प्रायोजित झूठ, जानिए पूरा मामला

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Jun 09, 2026 09:07 am IST,  Updated : Jun 09, 2026 09:21 am IST

यूएन में बोलते हुए भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा कि किसी नरसंहार को सैन्य अभियान का रूप देने से अपराधी की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती है।

पाक पीएम शहबाज शरीफ और UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी- India TV Hindi
पाक पीएम शहबाज शरीफ और UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी Image Source : PTI AND ANI

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाई है। भारत ने पाक पर तीखा प्रहार करते हुए सोमवार को कहा कि इस्लामाबाद द्वारा अपनी सीमाओं के भीतर सक्रिय समूहों को 'फितना अल-हिंदुस्तान' कहना कुछ और नहीं, बल्कि 'धार्मिक शब्दावली में लिपटा आधिकारिक रूप से प्रायोजित गलत सूचना फैलाने का अभियान और दुष्प्रचार' है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 'अफगानिस्तान की स्थिति' पर हुई बैठक के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा बयान दिया। 

 गलत सूचना फैलाने का अभियान और दुष्प्रचार

पर्वतनेनी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने सरकारी अधिसूचनाएं जारी कर अपनी सरकारी एजेंसियों को अपनी सीमाओं के भीतर सक्रिय समूहों को 'फितना अल-हिंदुस्तान' कहना शुरू करने का निर्देश दिया है, जो और कुछ नहीं, बल्कि 'धार्मिक शब्दावली में लिपटा आधिकारिक रूप से प्रायोजित गलत सूचना फैलाने का अभियान और दुष्प्रचार' है। 

आतंकी समूहों को कहा जाता है फितना अल-हिंदुस्तान

पाकिस्तानी मीडिया द्वारा प्रसारित खबरों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान प्रांत में सक्रिय सभी आतंकवादी समूहों और संगठनों को पिछले साल आधिकारिक रूप से 'फितना अल-हिंदुस्तान' करार दिया था और बिना कोई सबूत दिए आरोप लगाया था कि ये संगठन भारत के इशारे पर आतंकवाद में शामिल हैं। 

चलाई जा रही है नफरत की फैक्ट्री

पर्वतनेनी ने इसे 'पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान से संचालित नफरत की ऐसी संगठित फैक्टरी का परिणाम' बताया, जिसका उद्देश्य अपने नागरिकों को भारत के खिलाफ स्थायी शत्रुता की स्थिति में रखना है, ताकि सत्ता पर उनकी पकड़ बनी रहे और राष्ट्रीय संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके तथा लोगों का ध्यान मुख्य राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं से हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि '27वें संविधान संशोधन के जरिये सेना द्वारा किया गया वास्तविक तख्तापलट इसका सबसे हालिया उदाहरण है।'

पाकिस्तान के सैन्य हमलों की भारत ने की निंदा

भारतीय दूत ने पाकिस्तान की संसद द्वारा पिछले साल पारित संविधान संशोधन का उल्लेख करते हुए यह बात कही जिसके तहत 'चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज' (CDF) का पद सृजित किया गया था। इसके बाद फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को पाकिस्तान का पहला सीडीएफ नियुक्त किया गया। यूएनएससी की बैठक में भारतीय राजदूत ने अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान के सैन्य हवाई हमलों की भी कड़ी निंदा की। 

दुनिया को गुमराह करने की कोशिश होगी नाकाम

पर्वतनेनी ने कहा, 'मैं फिर दोहराता हूं। किसी नरसंहार को सैन्य अभियान का रूप देने से अपराधी की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। आम नागरिकों की हत्या करना, उन्हें अपंग बनाना और बच्चों को अनाथ करना आतंकवाद-रोधी कार्रवाई नहीं है।' उन्होंने कहा कि सटीक उदाहरण है। भारतीय दूत ने कहा, 'अपनी नाकामियों के लिए पड़ोसियों को दोष देना पाकिस्तान की पुरानी आदत है। दुनिया को गुमराह करने की यह कोशिश नाकाम होगी।'

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