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चीन के लिए जासूसी करने वाले अमेरिकी पत्रकार को 2 साल की जेल, जानें कितने में बेचा था जमीर

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Sep 03, 2026 07:57 am IST,  Updated : Sep 03, 2026 07:57 am IST

अमेरिकी पत्रकार थॉमस वीर पॉकन II को चीन के लिए विदेशी एजेंट के रूप में काम करने के मामले में 2 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, उसे चीनी एजेंटों के लिए रिपोर्ट तैयार करने और लोगों की भर्ती के बदले कम से कम 1 लाख डॉलर मिले।

China Spy Journalist, Thomas Pockan, US China Espionage Case- India TV Hindi
चीन के लिए जासूसी करने वाले अमेरिकी पत्रकार को 2 साल कैद की सजा सुनाई गई है। Image Source : INDIA TV

Highlights

  • चीन का जासूस बनकर काम करने वाले अमेरिकी पत्रकार को 2 साल जेल की सजा मिली।
  • पॉकन को चीन से काम के बदले कम से कम एक लाख डॉलर मिलने का दावा किया गया।
  • अदालत में पॉकन ने अपराध स्वीकार किया, वकील बोले- चीन को कोई गोपनीय जानकारी नहीं दी।

वॉशिंगटन: अमेरिका में चीन के लिए विदेशी एजेंट के तौर पर काम करने के मामले में एक अमेरिकी पत्रकार को 2 साल कैद की सजा सुनाई गई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 51 साल के थॉमस वीर पॉकन II ने इस साल की शुरुआत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। उसके वकील चार्ल्स बर्नहैम के मुताबिक, पॉकन इस सजा के खिलाफ अपील नहीं करेगा। न्याय विभाग ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि जेल की सजा पूरी होने के बाद पॉकन को 36 महीने तक निगरानी में रखा जाएगा। इस दौरान उसे विदेश यात्रा की इजाजत नहीं होगी। उसे फरवरी में गिरफ्तार किया गया था।

चीन के लिए काम करने का आरोप

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और चीन के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। यह उन हालिया संघीय मामलों में से एक है, जिनमें लोगों पर अमेरिकी अधिकारियों को जानकारी दिए बिना चीनी सरकार के लिए काम करने का आरोप लगा है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन ए. आइजनबर्ग ने कहा कि 'पॉकन ने पैसे के लिए अपने देश से गद्दारी की।' न्याय विभाग के मुताबिक, वह चीन के मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी के अभियानों में मदद करने, लोगों को भर्ती करने और संभावित सहयोगियों से संवेदनशील जानकारी जुटाने का काम कर रहा था।

2010 में चीन चला गया था पॉकन

पॉकन 2010 में चीन चला गया था। वहां उसने कई चीनी समाचार संस्थानों के लिए पत्रकार के रूप में काम किया। इनमें चीन का सरकारी टेलीविजन नेटवर्क CCTV भी शामिल था। वह 2024 से चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ में संपादक के तौर पर काम कर रहा था। यह उसकी सबसे हालिया नौकरी थी। उसके वकील चार्ल्स बर्नहैम ने कहा,

'पॉकन ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है और अदालत के फैसले का सम्मान किया है। जैसा कि सरकार ने अदालत में माना है, पॉकन ने चीन को कोई भी गोपनीय या क्लासिफाइड जानकारी उपलब्ध नहीं कराई थी।'

पॉकन ने कितने में बेचा था जमीर?

अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, कम से कम 2019 से फरवरी 2026 तक पॉकन उन लोगों के निर्देश पर काम करता रहा, जिनके बारे में वह जानता था कि वे चीनी सरकार के लिए काम करते हैं। इन लोगों में एक महिला भी शामिल थी, जिससे पॉकन की मुलाकात 2017 में हुई थी। दस्तावेजों में इस महिला का नाम 'कैथी' बताया गया है। FBI के विशेष एजेंट टिमोथी जे. हीली की ओर से 27 फरवरी को दाखिल संघीय अदालत के हलफनामे के मुताबिक, 'कैथी' ने पॉकन से कहा था कि उसकी तैयार की गई रिपोर्ट चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पढ़ते थे। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, पॉकन को 'कैथी' के साथ किए गए काम के बदले कम से कम 1 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 95 लाख रुपये) मिले थे।

पॉकन ने लोगों की भर्ती भी की थी

पॉकन से केवल रिपोर्ट लिखने का काम ही नहीं कराया जाता था। 'कैथी' ने उससे ऐसे लोगों को भर्ती करने के लिए भी कहा, जो गोपनीय जानकारी उपलब्ध करा सकते थे। एक मामले में पॉकन को हलफनामे में 'पर्सन 1' कहे गए व्यक्ति से मिलने का निर्देश दिया गया था। उसे उस व्यक्ति को एक सैमसंग फोन, एक कंप्यूटर और सिग्नल तथा टेलीग्राम के पासवर्ड देने थे। इसके अलावा नेटडिस्क की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया था। बता दें कि हाल ही में एक ऐसी खबर आई थी जिसमें चीन की एक जासूस कैलिफोर्निया में मेयर तक बन गई थी

पत्नी के बैंक खातों में भी आता था पैसा

अदालती हलफनामे के मुताबिक, जनवरी 2025 में जब पॉकन अमेरिका लौट रहे थे, तब उसे कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन यानी कि CBP के अधिकारियों ने रोक लिया था। CBP और FBI अधिकारियों से पूछताछ के दौरान पॉकन ने बताया कि उन्हें '80 प्रतिशत यकीन' था कि ट्रंप प्रशासन में नौकरी पाने की कोशिश कर रहा एक व्यक्ति चीन को गोपनीय जानकारी उपलब्ध करा सकता है। हालांकि, पॉकन ने उस व्यक्ति को ऐसा नहीं करने की सलाह दी थी। पॉकन ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि 'कैथी' कई वर्षों तक अमेरिका आने-जाने की उनकी यात्राओं का खर्च उठाती थी और अक्सर उसकी पत्नी के बैंक खातों में पैसे भी भेजती थी।

पॉकन ने अपना नाम भी बदला था

टेक्सास के रहने वाले पॉकन ने पत्रकार और कमेंटेटर के तौर पर काम करते समय 'टॉम मैकग्रेगर' नाम का इस्तेमाल किया। अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, यह नाम उन्होंने अपने पिता के कहने पर इस्तेमाल किया था। उनके पिता का नाम भी थॉमस पॉकन है और वह चाहते थे कि चीन में उनके बेटे के काम से उनकी अपनी पहचान अलग रहे। हालांकि, पॉकन ने अपने असली नाम थॉमस डब्ल्यू. पॉकन II से 2 किताबें भी प्रकाशित कीं। उसकी पहली किताब 2019 में अमेरिका-चीन संबंधों पर प्रकाशित हुई थी। दूसरी किताब 2023 में चीन के शहर शेनझेन पर आई थी। शेनझेन मुख्यभूमि चीन में हांगकांग के सामने स्थित शहर है।

पॉकन के पिता भी राजनीति में रहे

पॉकन के पिता 1990 के दशक में टेक्सास रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने एक दशक से ज्यादा समय पहले टेक्सास के गवर्नर पद के लिए भी चुनाव लड़ा था। पॉकन के 'मैकग्रेगर' नाम वाले फेसबुक अकाउंट की सबसे हालिया सार्वजनिक पोस्ट में उसकी पत्नी और बच्चे की तस्वीरें थीं। पोस्ट में उसने लिखा था, 'मैं और मेरा परिवार वॉशिंगटन डीसी की यात्रा का आनंद ले रहे हैं।' इस पोस्ट के बाद उसी महीने पॉकन को गिरफ्तार कर लिया गया। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब चीन से जुड़े कथित जासूसी और विदेशी एजेंटों के मामलों में अमेरिका में कार्रवाई बढ़ी है। (AP से इनपुट्स के साथ)

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