Bakhtiyarpur Assembly Constituency: बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दलों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। जनसभाएं और चुनावी रैलियां भी हो रही हैं। बिहार की खास सीटों की बात करें तो बख्तियारपुर इनमें से एक है। बिहार की राजनीतिक नक्शे पर बख्तियारपुर विधानसभा सीट एक ऐसा नाम है, जो हमेशा जातीय समीकरणों और गठबंधन की जटिलताओं के कारण सुर्खियों में रहता है।
RJD और BJP के बीच टक्कर
पटना जिले के अंतर्गत आने वाली यह सीट नालंदा और पटना के सीमावर्ती इलाके में स्थित है। जहां कृषि, छोटे उद्योग और रेलवे कनेक्टिविटी मुख्य आधार हैं। लगभग 3 लाख से अधिक मतदाताओं वाली इस सीट पर कुल 2.5 लाख से ज्यादा वोट पड़ते हैं। यहां का राजनीतिक इतिहास आरजेडी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर का प्रतीक रहा है।
जातीय-राजनीतिक समीकरण चर्चा में
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस सीट के पिछले तीन चुनावों के नतीजे और जातीय-राजनीतिक समीकरण एक बार फिर चर्चा का विषय बने हुए हैं। बख्तियारपुर सीट सामान्य श्रेणी की है।
2020 में RJD ने दर्ज की जीत
2020 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो यहां से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार अनिरुद्ध कुमार ने जीत दर्ज की है। आरजेडी के उम्मीदवार को 89,483 वोट मिले थे। बीजेपी के उम्मीदवार रणविजय सिंह को यहां 68,811 वोट मिले थे।
बीजेपी से रणविजय सिंह ने RJD उम्मीदवार को हराया
2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से बीजेपी के उम्मीदवार रणविजय सिंह ने जीत दर्ज की थी। बीजेपी उम्मीदवार को 61,496 वोट मिले थे। आरजेडी से अनिरुद्ध कुमार ने चुनाव लड़ा था। आरजेडी के उम्मीदवार को 53,594 वोट मिले थे।
2010 में भी आरजेडी उम्मीदवार की हुई थी जीत
2010 विधानसभा चुनाव में यहां से आरजेडी के उम्मीदवार अनिरुद्ध कुमार ने जीत दर्ज की थी। अनिरुद्ध कुमार को 52,782 वोट मिले थे। बीजेपी से विनोद यादव ने चुनाव लड़ा था। विनोद यादव को मात्र 52,782 वोट मिले थे।