Banmankhi Assembly Election 2025: बिहार की राजनीति में सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है, जिसके मद्देनजर सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। इस बार के चुनाव में दो अन्य सियासी पार्टियां प्रशांत किशोर की नवगठित पार्टी 'जन सुराज' और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की 'आम आदमी पार्टी' (AAP) भी अपनी किस्मत आजमाती नजर आएंगी। ऐसे में बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से एक बनमनखी विधानसभा क्षेत्र की बात की जाए, तो यह पूर्णिया जिले में स्थित है और यह पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, जो 2008 के परिसीमन के बाद लागू हुआ। यहां पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोटिंग होगी।
क्या रहे पिछले चुनाव के नतीजे?
बिहार की बनमनखी विधानसभा सीट पर 2020 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कृष्णा कुमार ऋषि ने जीत हासिल की, जिन्हें 93,594 वोट मिले थे। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) उपेंद्र शर्मा (53,901 वोट) को 27,743 वोटों के बड़े अंतर से हराया।
चुनाव मैदान में थे 13 उम्मीदवार
- कृष्णा कुमार ऋषि - BJP- विजेता
- उपेंद्र शर्मा- RJD
- श्याम देव पासवान- निर्दलीय
- संजीव कुमार पासवान- JAP(L)
- चंदन भारती- निर्दलीय
- उमेश ऋषि- जनता दल राष्ट्रवादी
- गुजय ऋषिदेव- निर्दलीय
- कृष्ण कुमारी- TPLRSP
- रामसेवक ऋषिदेव- APKSP
- कुमार जी LKSHPLK
- सुभाष चंद्र पासवान- SHS
- नित्यानंद पासवान- SAP
- दीपनारायण ऋषिदेव- RSWD
बनमनखी सीट का सियासी समीकरण
बनमनखी विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास काफी दिलचस्प रहा है, जिसमें शुरुआती दौर में कांग्रेस का दबदबा रहा, लेकिन पिछले दो दशकों से यह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का एक मजबूत गढ़ बन गया है।
कांग्रेस का शुरुआती प्रभुत्व
1962 में इस सीट पर हुए पहले चुनाव में कांग्रेस के भोला पासवान विजयी रहे। इसके बाद, 1967 में इस सीट पर कांग्रेस के टिकट पर बलदेव सराफ ने जीत हासिल की। फिर 1969 और 1972 में कांग्रेस से रसिकलाल ऋषिदेव ने चुनाव जीता।
1977 के बिहार चुनाव में कांग्रेस की जीत थमी और जनता पार्टी से बलबोध पासवान ने चुनाव जीता। इसके बाद फिर कांग्रेस ने 1980 और 1985 के चुनावों में जीत दर्ज की।
1990 में बीजेपी को मिली पहली जीत
1990 के दशक में, बीजेपी ने इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करना शुरू किया। 1990 में बीजेपी के चुन्नी लाल राज बंशी विजयी हुए। इसके बाद उन्होंने 1995 में जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता। 2000 में बीजेपी के देवनारायण पासवान विजयी रहे। 2000 के चुनाव के बाद से इस सीट पर लगातार बीजेपी का कब्जा है।
कृष्णा कुमार ऋषि का दबदबा
फरवरी 2005 के इस चुनाव में बीजेपी के कृष्णा कुमार ऋषि ने पहली बार जीत हासिल की। अक्टूबर 2005, 2010, 2015 और 2020 में इन सभी चुनावों में बीजेपी के टिकट पर कृष्णा कुमार ऋषि ने लगातार जीत हासिल की।