पटनाः बिहार विधान चुनाव में एनडीए में शामिल छोटी पार्टियों की जहां बल्ले-बल्ले हुई है तो महागठबंधन में शामिल पार्टियों का बुरा हाल रहा। इस चुनाव में सबसे ज्यादा फायदा चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) को हुआ। वहीं मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) का बुरा हाल रहा। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को न तो नुकसान हुआ और न ही फायदा हुआ। ओवैसी की पार्टी ने 2020 में पांच सीटें जीती थी तो इस बार भी पांच सीटों पर सिमट गई।
Related Stories
ओवैसी की पार्टी पांच सीटें जीती
सीमांचल में ओवैसी की पार्टी ने 25 सीटों पर लड़ा जिनमें से पांच सीटें जीतने में कामयाब रही। पार्टी ने जोकिहाट, बहादुरगंज, कोचाधामन, अमौर और बायसी सीट जीता और महागठबंधन को काफी नुकसान पहुंचाया। पिछले चुनाव में भी ओवैसी की पार्टी ने महागठबंधन को काफी नुकसान पहुंचाया था।
बसपा इस बार भी एक सीट जीती
पिछले चुनाव 2020 में बसपा एक सीट जीती थी। इस बार भी एक सीट जीतने में कामयाब रही। वहीं महागठबंधन में शामिल जीतनराम की पार्टी हम 5 सीटें जीती और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी भी चार सीट जीतने में कामयाब रही।
चिराग को सबसे ज्यादा फायदा
एनडीए में शामिल चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) ने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा और 19 सीट पर जीत दर्ज की। पिछले चुनाव में एक सीट जीतने वाली एलजेपी (आर) राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी आरजेडी से मात्र 6 सीट ही कम है। इस चुनाव में चिराग पासवान ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) ने 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जेडीयू के खिलाफ उम्मीदवार थे और काफी नुकसान पहुंचाया था। इसकी वजह से जेडीयू 43 सीटों पर सिमट गई थी। पिछले चुनाव में एलजेपी (आर) 135 सीटों पर लड़ी थी। जिनमें मात्र एक सीट जीत सकी थी। इस बार जेडीयू के साथ लड़ा और दोनों पार्टियों को फायदा हुआ। जेडीयू 43 से 85 पहुंच गई तो एलजेपी 1 से 19 सीट जीत गई।
मुकेश सहनी को तगड़ा झटका
इस चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को हुआ। 12 सीटों पर लड़ने वाली वीआईपी को एक भी सीट नहीं मिली। जबकि 2020 में एनडीए में रहकर 11 सीटों पर चुनाव लड़कर चार सीटों पर जीत दर्ज की थी।
भाकपा-माले का भी हुआ बुरा हाल
भाकपा-माले इस साल 20 सीटों पर चुनाव लड़ी और दो पर जीत दर्ज की। भाकपा-माले ने 2020 में 19 सीटों पर चुनाव लड़ा था। पार्टी 12 सीटें जीतने में सफल रही थी जिससे उसका स्ट्राइक रेट 63.2% रहा था। इस बार स्ट्राइक रेट 10 प्रतिशत रहा। वहीं, तीन सीटों पर लड़ने वाली आईपी गुप्ता की इंडियन इंक्लूसिव पार्टी एक सीट जीतने में कामयाब रही।