पटना: बिहार में चुनाव नतीजों की तस्वीर साफ हो चुकी है। महागठबंधन में शामिल कांग्रेस को छह सीटें मिली जबकि भाकपा-माले को सिर्फ दो सीटों से संतोष करना पड़ा। दोनों ही दलों को पिछले चुनाव की अपेक्षा बहुत कम सीटों पर जीत नसीब हुई और करारी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस और CPI-ML (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी) दोनों को निराशाजनक प्रदर्शन से महागठबंधन को तगड़ा झटका लगा। पिछले चुनाव में कांग्रेस 70 सीट पर चुनाव लड़कर 19 सीटें जीती थी जबकि भाकपा माले 12 सीटें जीती थी।
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कांग्रेस और भाकपा माले का वोट शेयर बहुत कम
इस चुनाव में भाकपा-माले के टिकट पर सिर्फ दो उम्मीदवार विधायक बने हैं। पालीगंज से संदीप सौरभ और काराकट से अरुण सिंह चुनाव जीतने में सफल रहे। वहीं, कांग्रेस पिछली बार से भी कम 6 सीटें जीती है जिसकी स्ट्राइक रेट बेहद खराब रहा। इस चुनाव में कांग्रेस का वोट शेयर 8.71 प्रतिशत रहा जबकि भाकपा मामले का वोट शेयर 2.84 प्रतिशत रहा। वहीं आरजेडी का वोट शेयर सबसे ज्यादा 23 प्रतिशत रहा। इसके बावजूद 25 सीटें ही जीत सकी।
भाकपा-माले और कांग्रेस का स्ट्राइक रेट
भाकपा-माले ने 2025 में 20 सीटों पर चुनाव लड़ी और दो पर जीत दर्ज की। माले का स्ट्राइक रेट 10 प्रतिशत रहा। भाकपा-माले ने 2020 में 19 सीटों पर चुनाव लड़ा था। उसका प्रदर्शन कांग्रेस से बेहतर रहा। पार्टी 12 सीटें हासिल करने में सफल रही थी जिससे उसका स्ट्राइक रेट 63.2% रहा था।
2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 61 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। लेकिन 6 सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस का स्ट्राइक रेट भी 10 प्रतिशत रहा। 2020 में कांग्रेस 70 सीटों पर लड़कर 19 सीटें हासिल करने में सफल रही, जिसके परिणामस्वरूप उसका स्ट्राइक रेट 27.1% रहा था।
महागठबंधन में इंडियन इंक्लूसिव पार्टी का स्ट्राइक रेट सबसे ज्यादा
143 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली आरजेडी का स्ट्राइक रेट 17 प्रतिशत रहा जबकि तीन सीटों पर लड़ने वाली आईपी गुप्ता की इंडियन इंक्लूसिव पार्टी का स्ट्राइक रेट 33 प्रतिशत रहा। आईपी गुप्टा की पार्टी एक सीट पर चुनाव जीतने में सफल रही। वहीं 12 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली मुकेश सहनी की पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई और उसका स्ट्राइक रेट शून्य रहा।