Amazing Facts : आपने अपने गली-मोहल्ले में रोज सुबह आने वाली स्कूल बसों को तो देखा ही होगा। स्कूल बसों के सुविधानुसार बच्चों के अनुकूल और सुरक्षित ढंग से डिजाइन किया जाता है। अलग-अलग स्कूल बसों में आपको यदि कोई फर्क दिखेगा तो उस पर लिखे स्कूल के नाम का या बस को बनाने वाली कंपनी के नाम का। मगर, एक चीज जो हर स्कूल बस में कॉमन होती है तो वो है उसका रंग। क्या आपने कभी सोचा है कि स्कूल की बसों का रंग पीला ही क्यों होता है ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको इस सवाल का जवाब देंगे।
कैसी होनी चाहिए स्कूल बस
स्कूल बसों के लिए भी कई तरह के मानक निर्धारित किए जाते हैं। मगर, आमतौर पर स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए। इसके साथ ही सीट बेल्ट, हाई विजिबिलिटी वाली खिड़कियां और बच्चों के अनुकूल बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। चूंकि बस का एर्गोनॉमिक डिज़ाइन और बेहतर सस्पेंशन सिस्टम बच्चों को आराम का अनुभव कराती है इसलिए ये व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई जाती है।
पहली पीली स्कूल बस कब चलाई गई थी
सोशन मीडिया पर वायरल दावों के मुताबिक, स्कूल बसों को पीले रंग से रंगने की परंपरा अमेरिका में 1939 से चली आ रही है। एक भारतीय कार निर्माता कंपनी दावा करती है कि, डॉ. फ्रैंक साइर को पीली स्कूल बस का जनक कहा जाता है। जिन्होंने एक सम्मेलन आयोजित किया था जिसमें शिक्षाविद और परिवहन विशेषज्ञ स्कूल परिवहन सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए थे। सम्मेलन के दौरान, पीले रंग को स्कूल बसों के लिए आधिकारिक रंग के रूप में चुना गया था।
स्कूल बस का रंग पीला ही क्यों होता है
गौरतलब है कि, पीला रंग आंखों को सबसे आसानी से दिखाई देने वाला रंग है। कई रिसर्च इस बात की तस्दीक करती हैं कि, अन्य किसी भी रंग की तुलना में पीले रंग को बेहतर ढंग से देख सकते हैं। यह लाल या किसी भी अन्य रंग की तुलना में अधिक स्पष्ट दिखाई देता है, खासकर सुबह या शाम के समय जब बच्चे स्कूल आने-जाने के लिए सबसे अधिक यात्रा करते हैं। इसके अलावा, पीले रंग का उपयोग यातायात संकेतों में भी किया जाता है, जहां पीली बत्ती चालकों को गति धीमी करने का संकेत देती है। सावधानी और सुरक्षा से जुड़ा यह रंग स्कूल बसों के लिए सर्वथा उपयुक्त होता है क्योंकि यह चालकों को संकेत देता है कि बस के पास से गुजरते समय या उसके आसपास गाड़ी चलाते समय उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
28 अक्षरों वाला भारत का सबसे अनोखा रेलवे स्टेशन, पूरा नाम लेने में जुबान लड़खड़ा जाएगी; जान लें नाम
Video : भाइयों ने अपनी बहन को दिया ₹50 लाख का ऐसा सरप्राइज, देखकर बेहद इमोशनल होने लगे यूजर्स