बिहार में अगले कुछ महीनों में विधानसभा के चुनाव की तारीख का ऐलान होना है। अक्टूबर- नवंबर में बिहार में विधानसभा के चुनाव होने हैं। यहां के सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। बिहार की वीआईपी सीट की बात करें तो राजगीर विधानसभा सीट उनमें से एक है। राजगीर विधानसभा सीट बिहार के नालंदा जिले में स्थित है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट है।
यह सीट ग्रामीण और शहरी मतदाताओं का मिश्रण
राजगीर ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो बौद्ध और जैन धर्म के साथ-साथ पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है। राजगीर नालंदा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यहां की राजनीति में जातीय और सामाजिक गतिशीलता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह सीट ग्रामीण और शहरी मतदाताओं का मिश्रण है, जिसमें अनुसूचित जाति के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
2020 में बीजेपी के उम्मीदवार ने कांग्रेस को हराया
राजगीर विधानसभा चुनाव में पिछली बार यानी 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के उम्मीदवार कौशल कुमार ने जीत दर्ज की थी। कौशल कुमार को 67,191 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार रवि ज्योति कुमार थे। कांग्रेस से उम्मीदवार को 51,143 वोट मिले थे।
2015 में जेडीयू के उम्मीदवार ने दर्ज की थी जीत
राजगीर विधानसभा सीट एनडीए का गढ़ माना जाता है। पिछले तीन बार से बीजेपी और जेडीयू का ही प्रत्याशी यहां से जीत रहा है। 2015 के विधानसभा चुनाव में यहां से जेडीयू के उम्मीदवार रवि ज्योति कुमार ने जीत दर्ज की थी। जेडीयू के उम्मीदवार ने बीजेपी के सत्यदेव नारायण आर्य को हराया था। जेडीयू के उम्मीदवार रवि ज्योति कुमार को 62,009 वोट मिले थे। बीजेपी के उम्मीदवार सत्यदेव नारायण आर्य को 56,619 वोट मिले थे।
2010 में बीजेपी ने LJP उम्मीदवार को हराया था
2010 के विधानसभा चुनाव में राजगरी सीट से भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भाजपा ने यहां से लोजपा के उम्मीदवार धनंजय कुमार को हराया था। बीजेपी उम्मीदवार को इस सीट पर 49.75 प्रतिशत वोट मिले थे।