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बिहार में बाढ़ से हाहाकार 15 जिलों की 50 लाख आबादी प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Sep 14, 2026 10:45 pm IST,  Updated : Sep 14, 2026 10:47 pm IST

बिहार और पड़ोसी नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले चार-पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य के 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

Bihar Flood- India TV Hindi
बिहार बाढ़ Image Source : PTI

पटना:  बिहार में बाढ़ से चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से उत्तरी बिहार की नदियां खतरे के निशान से बह रही हैं।  राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) ने इस संबंध में सोमवार को एक बयान जारी किया और बताया कि पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों के 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। 

गंगा, कोसी खतरे के निशान से ऊपर

एक अधिकारी ने बताया कि राज्य और पड़ोसी नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य की कई नदियों और जलधाराओं का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में सितंबर में अब तक 112. 7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग छह प्रतिशत अधिक है। बुलेटिन के अनुसार, बलतारा और कुरसेला में कोसी नदी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी, दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में गंगा नदी, श्रीपालपुर में पुनपुन नदी, बेनीबाद में बागमती नदी तथा दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 

सामान्य से करीब छह फीसदी अधिक बारिश

पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया बाढ़ से प्रभावित जिलों में शामिल हैं। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया सबसे ज्यादा प्रभावित बताए गए हैं। सोमवार शाम छह बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा 36. 19 मीटर के जलस्तर पर बह रही थी, जो खतरे के निशान से 1. 69 मीटर ऊपर था। मौसम विभाग के मुताबिक सितंबर में अब तक बिहार में 112.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब छह फीसदी अधिक है।

1,260 सामुदायिक रसोई

अधिकारियों के मुताबिक कोसी नदी बलतारा और कुर्सेला में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में, गंगा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन श्रीपालपुर में, बागमती बेनीबाद में और घाघरा दरौली में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा 1,260 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं तथा 13 राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में लगभग 11,060 लोगों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। 

वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 1.09 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से सोमवार शाम चार बजे 1.09 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं वीरपुर कोसी बराज से पानी का बहाव 1,63,315 क्यूसेक दर्ज किया गया। प्रशासन लगातार नदियों के जलस्तर और बराजों से छोड़े जा रहे पानी की निगरानी कर रहा है। संभावित बाढ़ और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में एसडीआरएफ की 27 तथा एनडीआरएफ की 10 टीम तैनात की गई हैं। वहीं, वीरपुर स्थित कोसी बराज से पानी का बहाव 1,63,315 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसकी तुलना में इस वर्ष 20 जुलाई को यह अधिकतम 2,55,425 क्यूसेक था।

तेजस्वी ने भेदभाव का लगाया आरोप

इस बीच, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को केंद्र सरकार पर बाढ़ राहत के मामले में बिहार के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। तेजस्वी ने दावा किया कि बिहार में 50 से अधिक लोगों की मौत, पशुधन की क्षति और हजारों करोड़ रुपये के नुकसान के साथ करीब 45 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने केंद्र पर गुजरात और बिहार के लिए राहत सहायता में भेदभाव करने का आरोप लगाया। हालांकि, उनके इन राजनीतिक आरोपों पर केंद्र की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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