पटना: राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने पार्टी की निष्कासित राष्ट्रीय प्रवक्ता संतोष रेणु यादव पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पूर्व मंत्री तेज प्रताप ने राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी को इस संबंध में चिट्ठी भी लिखी है और अपनी सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग की है। इस संबंध में गृह मंत्री सम्राट चौधरी का बयान भी सामने आया है। बता दें कि तेज प्रताप ने इस साल विधानसभा चुनाव महुआ विधानसभा सीट से लड़ा था और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
क्या बोले सम्राट चौधरी?
इस बीच राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बताया कि उन्हें तेज प्रताप की चिट्ठी मिली है। उन्होंने कहा, ‘‘हां, मुझे उनका पत्र मिला है.इस मामले की जांच की जा रही है।’’ सचिवालय थाने के एसएचओ (थाना प्रभारी) गौतम कुमार ने बताया कि यादव की शिकायत के आधार पर हाल में एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है।
तेज प्रताप ने क्या शिकायत दर्ज कराई?
लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि रेणु को जेजेडी का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी की विचारधारा के खिलाफ काम करना शुरू कर दिया। तेज प्रताप ने यह भी आरोप लगाया कि रेणु ने नौकरी और अन्य सुविधाओं का वादा कर पार्टी कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों से पैसे लिए। इसके बाद 14 दिसंबर को पार्टी ने रेणु को निष्कासित कर दिया। पूर्व मंत्री ने पुलिस शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि निष्कासन के बाद रेणु ने उन्हें सोशल मीडिया मंच पर गालियां दीं और जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया। बार-बार प्रयास करने के बावजूद रेणु से संपर्क नहीं हो पाया।
6 साल के लिए आरजेडी से बाहर किए गए थे तेज प्रताप
बता दें कि तेज प्रताप को इस साल 25 मई को लालू प्रसाद ने 6 साल के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से बाहर कर दिया था। इसके एक दिन पहले उन्होंने अनुष्का नामक एक महिला से कथित तौर पर अपने संबंधों की बात स्वीकार की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना ‘फेसबुक’ पोस्ट हटा दिया था और दावा किया था कि उनका ‘फेसबुक’ पेज ‘‘हैक’’ कर लिया गया था।
लालू प्रसाद ने तेज प्रताप के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार के कारण उनसे अपना नाता भी तोड़ लिया। आरजेडी से निकाले जाने के कुछ दिनों बाद तेज प्रताप ने आरोप लगाया था कि उनके और छोटे भाई तेजस्वी यादव के बीच दरार डालने की साजि’ रची गई थी। उन्होंने अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर दो पोस्ट में अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं और इस संकट के लिए पार्टी के अंदर के ‘जयचंद’ को जिम्मेदार ठहराया था। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने एक नई पार्टी का गठन किया था