Kochadhaman Assembly Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। राजनीतिक पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने कई नई योजनाओं का ऐलान किया है। वहीं इस बार के चुनाव में प्रशांत किशोर की नई पार्टी 'जन सुराज' और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) भी मैदान में उतरने को तैयार हैं।
अगर हम बिहार की कोचाधामन विधानसभा सीट की बात करें तो यह किशनगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यहां दूसरे चरण में 11 नवंबर को वोटिंग होगी। यह सीट पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब है। कोचाधामन सीट का गठन 2008 में हुए परिसीमन के बाद हुआ था और तब से यह एक मुस्लिम-बहुल सीट मानी जाती है। इस सीट पर पहला विधानसभा चुनाव 2010 में हुआ था। इससे पहले यह इलाका किशनगंज विधानसभा सीट का हिस्सा हुआ करता था।
क्या रहे पिछले चुनाव के नतीजे?
बिहार की कोचाधामन विधानसभा सीट पर 2020 के विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने जीत दर्ज की। AIMIM के मुहम्मद इजहार असफी को 79,893 वोट मिले थे। उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुजाहिद आलम को 36,143 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। मुजाहिद आलम को 43,750 वोट मिले थे। वहीं, तीसरे स्थान पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मोहम्मद शाहिद आलम रहे थे, जिन्हें 26,134 वोट मिले थे।
चुनाव मैदान में थे 12 उम्मीदवार
- मुहम्मद इजहार असफी- AIMIM- विजेता
- मुजाहिद आलम- JDU
- मोहम्मद शाहिद आलम- RJD
- दयानंद मंडल- निर्दलीय
- हबीबुर रहमान- LJP
- बबलू बास्की- निर्दलीय
- मोहम्मद नासिक नादिर- निर्दलीय
- रवि कुमार रॉय- HSPJ
- जुनूस मरांडी- निर्दलीय
- साबिर आलम- JAKPL
- अमर पासवान- निर्दलीय
- अवध दास- निर्दलीय
इस सीट पर मतदाता
बिहार की कोचाधामन विधानसभा सीट पर 2020 के विधानसभा चुनाव में पंजीकृत मतदाता 2,38,377 थे। इनमें से पुरुष मतदाता 1,23,223 और महिला मतदाता 1,15,154 थे। पिछले चुनाव में यहां मतदान प्रतिशत 66.5% से 67.1% के बीच रहा।
कोचाधामन सीट का सियासी समीकरण
कोचाधामन विधानसभा सीट का गठन 2008 में हुआ था और इसका चुनावी सफर 2010 से शुरू हुआ। यह सीट शुरुआत से ही मुस्लिम बहुल रही है। 2010 के विधानसभा चुनाव में RJD के टिकट पर अख्तरुल ईमान ने जीत हासिल की। 2014 में अख्तरुल ईमान ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव हुए। उपचुनाव में, JDU के मुजाहिद आलम ने जीत दर्ज की।
2015 के चुनाव में JDU ने अपनी सीट बरकरार रखी
2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में, जनता दल (यूनाइटेड) के मुजाहिद आलम ने अपनी जीत बरकरार रखी। उन्होंने एआईएमआईएम (AIMIM) के अख्तरुल ईमान को हराया।
2020 के चुनाव में AIMIM की एंट्री
इसके बाद 2020 के विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के मुहम्मद इजहार असफी ने जनता दल (यूनाइटेड) के मौजूदा विधायक मुजाहिद आलम को बड़े अंतर से हराया और यह सीट जीत ली।
बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। इस चुनाव में AIMIM के टिकट पर 5 विधायकों ने जीत दर्ज की, जिनमें से चार RJD में शामिल हो गए। इनमें कोचाधामन के मुहम्मद इजहार असफी भी शामिल थे। इस तरह, वर्तमान में मुहम्मद इजहार असफी अब RJD के विधायक हैं।