1. Hindi News
  2. बिहार
  3. लैंड फॉर जॉब मामला: प्रवर्तन निदेशालय ने तेजस्वी से 8 घंटे से ज्यादा पूछताछ की

लैंड फॉर जॉब मामला: प्रवर्तन निदेशालय ने तेजस्वी से 8 घंटे से ज्यादा पूछताछ की

 Published : Jan 30, 2024 11:49 pm IST,  Updated : Jan 30, 2024 11:49 pm IST

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से नौकरी के बदले जमीन घोटाला के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने आठ घंटे से ज्यादा पूछताछ की।

Tejaswi yadav- India TV Hindi
तेजस्वी यादव, पूर्व डिप्टी सीएम Image Source : PTI

पटना: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रेलवे में कथित नौकरी के बदले जमीन घोटाला के मामले में मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव से आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। ईडी सूत्रों ने बताया कि बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी पूर्वाह्न करीब 11. 30 बजे पूछताछ के लिए यहां ईडी कार्यालय पहुंचे और रात आठ बजे के बाद परिसर से निकले। उन्होंने बताया कि मामले के जांच अधिकारी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यादव का बयान दर्ज किया। इसी मामले में उनके पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से जांच एजेंसी के अधिकारियों ने सोमवार को नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। 

19 जनवरी को दिया था समन

केंद्रीय जांच एजेंसी ने 19 जनवरी को पूर्व रेल मंत्री प्रसाद और उनके छोटे पुत्र तेजस्वी यादव से पूछताछ के लिए नया समन जारी किया था। इससे पहले दिन में राजद सांसद मनोज झा ने जोर देकर कहा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व विपक्षी दलों से डरता है और वह केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करके उन्हें निशाना बना रहा है। उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘भाजपा ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का इस्तेमाल उन लोगों के खिलाफ कर रही है जिनसे वह डरती है> इसीलिए वह इन केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से विपक्षी दलों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।’’ 

उस समय तेजस्वी यादव नाबालिग-शक्ति यादव

राजद के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि यह सभी को पता है जिस समय कथित घोटाला हुआ था उस समय तेजस्वी यादव नाबालिग थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में पिछली महागठबंधन सरकार में तेजस्वी यादव द्वारा प्रदान की गई नौकरियों से भाजपा नेता डर गए हैं। 

राजद नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब लालू प्रसाद बिहार के मुख्यमंत्री थे तब चारा घोटाला हुआ था। जब वह रेल मंत्री थे तो नौकरी के बदले जमीन घोटाला हुआ। फिर वे जांच एजेंसियों से क्यों डरते हैं। ईडी निश्चित रूप से मामले की जांच करेगी।’’ रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन घोटाला 2004 से 2009 के बीच कथित तौर पर जमीन के बदले में रेलवे में नियुक्तियों से संबंधित है। (भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।