बिहार के मधेपुरा में नाबालिग बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने 6 दिन बाद घर से लगभग 15 किमी दूर शव बरामद किया है। बेटी के लव अफेयर से नाराज पिता ने सोए अवस्था में दबिया से गला काट दिया था। इसके बाद शव को जूट की बोरी में भरकर नदी में फेंक दिया था। घटना शंकरपुर थाना क्षेत्र के गोरराहा गांव की है।
खून से सना बिस्तर और कपड़े जला दिए
बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पिता को गिरफ्तार किया है। वारदात को छिपाने के लिए उसने खून से सना बिस्तर और कपड़े जला दिए। इतना ही नहीं पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी पिता 11 अक्टूबर को खुद थाने पहुंचकर बेटी के घास काटने जाने के दौरान लापता होने की शिकायत भी दर्ज करा दी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया है। पूछताछ में बताया कि गांव के एक लड़के के साथ बेटी के प्रेम-प्रसंग की चर्चा होने लगी थी। इससे वह नाराज था। उसे डर था कि बेटी के इस रिश्ते से उसकी इज्जत और प्रतिष्ठा खराब होगी इसलिए गुस्से आकर उसने हत्या कर दी।
'गांव के लड़के से छिपकर फोन पर बात करती थी बेटी'
आरोपी ने बताया कि 7 अक्टूबर की रात बेटी घर में सोई हुई थी। इसी दौरान उसने दबिया से उसका गला काट दिया। इसके बाद शव को जूट की बोरी में बांधा और मोटरसाइकिल से 2 किमी दूर ले जाकर बेहरारी के पास नदी में फेंक दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी बेटी गांव के ही एक लड़के से छिपकर फोन पर बात करती थी। जब गांव में दोनों के प्रेम प्रसंग की चर्चा होने लगी तो उसे इसकी जानकारी मिली। इस बात से वह काफी नाराज हुआ। उसे लगा कि बेटी के कारण उसकी इज्जत-प्रतिष्ठा खराब हो जाएगी। इसी आक्रोश में उसने बेटी की हत्या करने का फैसला कर लिया।

छोटी बेटी ने पिता को हत्या करते देख लिया
वारदात के समय आरोपी की छोटी बेटी ने अपने पिता को हत्या करते देख लिया था। इसके बाद आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर नानी के घर भेज दिया, ताकि घटना की जानकारी किसी को न हो सके। बाद में जब छोटी बेटी ने अपनी मां को घटना के बारे में बताया तो वह सदमे में आ गई। आरोपी ने पुलिस को बताया कि पत्नी की तबीयत बिगड़ गई थी और उसका इलाज चल रहा था।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
मामले में DSP चेतनानंद झा ने बताया कि दिनेश कुमार ने अपनी बेटी के घास काटने जाने के दौरान लापता होने का आवेदन दिया था। इस आधार पर शंकरपुर थाने में 11 अक्टूबर को कांड संख्या 233/2026 दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान परिजनों के बयानों में विरोधाभास सामने आने लगा। एसपी ने विशेष टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी सहायता, गुप्त सूचना और मानवीय आसूचना के आधार पर नाबालिग की मां, छोटी बहन और अन्य लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान छोटी बहन ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने ही बहन की हत्या की है। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद आरोपी ने खून से सने बिस्तर, कपड़े और अपने कपड़े भी जला दिए थे।
आरोपी ने थाना में की थी गुमशुदगी की शिकायत
जब गांव में घटना को लेकर संदेह बढ़ने लगा तो आरोपी पिता ने खुद थाने पहुंचकर बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, ताकि पुलिस को उस पर शक न हो। पुलिस की जांच तेज होने पर वह घर से बाहर छिपने लगा था। बुधवार की शाम 4 बजे सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के मजरहट नदी से लड़की का शव बरामद किया गया। सदर एसडीपीओ अजय कुमार ने बताया कि मृतका का शव बरामद कर लिया गया है। जूट की बोरी में शव बंद था। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
वहीं, एक अन्य घटना में भोजपुर में बदमाशों ने एक रिटायर्ड कस्टम अधिकारी पर ताबड़तोड़ गोलियों से हमला कर दिया, जिससे अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई। कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह अपने बेटे के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, इसी दौरान घात लगाए बैठे हमलावरों ने फायरिंग कर दी।
(रिपोर्ट- मनीष कुमार)
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