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मधुबनी: हत्या के आरोप में बेटे को जेल, सदमे से पिता की मौत, मां की जिद के आगे पुलिस भी हारी, हथकड़ी में दी मुखाग्नि

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 26, 2025 09:54 am IST,  Updated : Jun 26, 2025 10:44 am IST

हत्या के मामले में बेटे को जेल होने के बाद से पिता बेहद दुखी थी और घटना के 50 दिन के अंदर ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद बेटे ने हथकड़ी पहने हुए अपने पिता को मुखाग्नि दी।

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हथकड़ी में मुखाग्नि देता केशव झा Image Source : INDIA TV

बिहार के मधुबनी में एक बुजुर्ग महिला अपने पति की अंतिम इच्छा पूरी कराने के लिए पुलिस प्रशासन के आगे जिद पर अड़ गई। अंत में पुलिस को भी झुकना पड़ा और महिला की बात माननी पड़ी। पुलिस ने महिला के बेटे को जेल से बाहर निकाला और हथकड़ी पहने हुए ही आरोपी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। सिर्फ मुखाग्नि के लिए महिला ने बेटे को जेल से बाहर निकलवाया। इसकी अनुमति लेने के लिए बुजुर्ग महिला कोर्ट तक पहुंच गई।

मामला मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के बलाट का है। जहां कोर्ट ने एक पुत्र को जेल से भेज कर उसके पिता को मुख्याग्नि दिलाई और उनका अंतिम संस्कार पूरा हुआ। बताया जा रहा है कि बेटे के जेल जाने के सदमे में सुरेन्द्र झा की मौत हुई थी। मौत के बाद पति की अंतिम इच्छा पूरी कराने का पत्नी की जिद पर आखिरकार आधी रात को मंडल कारा से पुत्र को बाहर निकाला गया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई।‌ हथकड़ी में मुखाग्नि देने की घटना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। 

बड़े बेटे से मुखाग्नि दिलाने की जिद

घटना राजनगर थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव की है। बीते सोमवार को सुरेंद्र झा 60 वर्ष की मौत होने के बाद शव का अंतिम संस्कार करने के लिए ग्रामीण निकलने लगे तभी सुनीता देवी ने पति की अर्थी को उठाने से मना कर दिया। वह रोते बिलखते हुए ग्रामीणों से अर्जी लगाने लगीं कि उनके पति की अंतिम इच्छा थी कि बड़ा बेटा केशव झा उन्हें मुखाग्नि दे। वे हर पल बेटे के जेल से छूटकर आने का इंतजार करते रहते थे। कुछ लोगों ने केशव के जेल में होने का हवाला देकर छोटे पुत्र से मुखाग्नि दिलाने की सलाह देकर उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन वह तैयार नहीं हुई। 

कोर्ट पहुंचे ग्रामीण

सुनीता देवी के जिद के आगे सब हार गए। स्थानीय मुखिया मुन्नी मिश्र के पति संजय मिश्र के साथ पंकज चौधरी, अरुण पाठक, कुमोद झा, अभिषेक झा एवं अन्य ग्रामीण कोर्ट पहुंचे। अधिवक्ता रामशरण साह ने सीजेएम प्रमोद कुमार महथा की अदालत में अर्जी दाखिल कर पिता को मुखाग्नि देने के लिए केशव झा को मंडल कारा से मुक्त करने की गुहार लगाई। आखिरकार कोर्ट ने मंडल कारा अधीक्षक जलज कुमार को पुलिस सुरक्षा में मुखाग्नि दिलाने का आदेश दिया। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार एवं मुख्यालय डीएसपी रश्मि एवं लाइन डीएसपी जीतेन्द्र प्रसाद की भूमिका भी सराहनीय रही।

हत्या मामले में 55 दिन से जेल में है बेटा

केशव झा हत्या के एक मामले में पिछले 55 दिनों से मंडल कारा में बंद हैं। भरिया विशनपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक के पास 30 अप्रैल 2025 को शहर के नन्द कुमार जख्मी हालत में पाया गया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में राघोपुर गांव के केशव झा एवं कई अन्य लोगों को आरोपित किया गया। मुखिया प्रतिनिधि संजय मिश्र ने बताया कि 30 अप्रैल को केशव के पुत्र का मुंडन था इसी दौरान केशव को पुलिस को गिरफ्तार कर लिया। सुरेन्द्र झा बेटा के जेल जाने के सदमे से उबर नहीं सके।

(मधुबनी से कुमार गौरव की रिपोर्ट)

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