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NEET धांधली मामले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बिहार की EOU की बड़ी कार्रवाई, 2 मेडिकल छात्रों समेत 3 पकड़े गए

 Published : Aug 14, 2026 11:30 am IST,  Updated : Aug 14, 2026 11:46 am IST

बिहार NEET और Re-NEET धांधली के मामले में ईओयू ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस मामले में मुख्य आरोपी रविशंकर उर्फ सम्राट समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : INDIA TV

बिहार NEET और री NEET की परीक्षा में धांधली के मामले में बिहार की EOU ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने पटना से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मेडिकल छात्र डॉ. उज्जवल राज और डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट और डॉ. रविशंकर का भाई अश्विनी कुमार शामिल है। 

बिहार NEET और Re-NEET फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी गिरफ्तार 

EOU ने मुख्य आरोपी डॉ. उज्जवल राज को पटना के आर्यभट ज्ञान विश्वविद्यालय की परीक्षा केंद्र के बाहर से गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान उसके पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी और 2 लाख 95 हजार रुपये कैश बरामद हुआ। इसके बाद 12 अगस्त को री-नीट यूजी परीक्षा से जुड़े मामलों के मुख्य आरोपी डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट को गिरफ्तार किया गया। वो भी महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, पावापुरी में MBBS फाइनल ईयर का छात्र है और पटना जिले के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के मकसूदपुर का रहने वाला है। डॉ. रविशंकर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से पास कराने के लिए स्कॉलर बैठाने और दस्तावेजों में हेरफेर करने का आरोप है। ईओयू के मुताबिक वह पहले रेलवे की समूह-घ भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जेल जा चुका है। वहीं तीसरे आरोपी अश्विनी कुमार को रविशंकर की निशानदेही पर गिरफ्तार किया गया। अश्विनी कुमार मुख्य आरोपी रविशंकर का सगा भाई है, जो किसी निजी कंपनी में सेल्स एक्जीक्यूटिव का काम करता है। इस पूरे मामले में अभ्यर्थियों की तलाश का काम करता था। 

छापेमारी में मिले कई फर्जी दस्तावेज

रविशंकर की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर पटना के रामकृष्ण नगर में छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान उसके भाई के फ्लैट और एक किराए के मकान से एमबीबीएस परीक्षा की खाली कॉपियां, नीट, बिहार पुलिस अपर सेवा आयोग और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबंधित कई प्रवेश पत्र बरामद किए गए। ईओयू ने बताया कि बड़ी संख्या में जाति, आय और दिव्यांगता से जुड़े कथित फर्जी प्रमाणपत्र भी बरामद किए गए हैं। एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किन अभ्यर्थियों ने किया और इनके जरिए मेडिकल कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया में किस तरह लाभ लेने की कोशिश की गई। 

इनपुट: भाषा

 

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