मोकामा फायरिंग मामले में आरोपी सोनू सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उसे पटना के फुलवारीशरीफ जेल में रखा जाएगा। शुक्रवार को पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार किया था और बाढ़ कोर्ट में पेश किया था। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले अनंत सिंह ने सरेंडर किया था। सोनू और अनंत सिंह के जेल जाने के बाद मोकामा में माहौल शांत होने की उम्मीद लगाई जा रही है।
अनंत सिंह ने भी शुक्रवार को बाढ़ की एक अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। वह मोकामा में हुई गोलीबारी के मामले में वांछित थे। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अवकाश कुमार न बताया, “पूर्व विधायक सिंह ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें बेउर जेल भेज दिया गया।”
तीन एफआईआर दर्ज
पटना के बाहरी इलाके मोकामा में हुई गोलीबारी की घटना के सिलसिले में पुलिस ने तीन प्राथमिकियां दर्ज की हैं। बाढ़ अदालत परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अनंत सिंह ने कहा, "हर किसी को कानून का पालन करना होता है। मैंने आत्मसमर्पण कर दिया है, क्योंकि मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब मैं जेल जा रहा हूं।" गोलीबारी की यह घटना बुधवार शाम को हुई थी, जब मोकामा में सिंह के काफिले को निशाना बनाया गया। सोनू-मोनू गिरोह ने सिंह के काफिले पर कथित तौर पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। जबाव में सिंह के समर्थकों ने भी गोलीबारी की।
60-70 गोलियां चलने का दावा
प्रत्यक्षदर्शियों ने दोनों पक्षों के बीच 60 से 70 गोलियां चलने का दावा किया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान 16-17 गोलियां चलीं। इस घटना में सिंह को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। पुलिस ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दो संदिग्धों-सोनू और रोशन को गिरफ्तार किया है। सिंह के समर्थकों और उनके प्रतिद्वंद्वी सोनू-मोनू के गिरोह के बीच बुधवार को गोलीबारी हुई थी। पुलिस ने बुधवार की गोलीबारी की घटना के सिलसिले में तीन प्राथमिकियां दर्ज की हैं।
घटनास्थल से तीन खोखे बरामद
पुलिस के मुताबिक, सोनू-मोनू गिरोह ने शुक्रवार को मोकामा के पंचमहल थाना क्षेत्र के हमजा गांव के निवासी और गिरोह के पूर्व सहयोगी को भी निशाना बनाया था। मुकेश सिंह ने अनंत सिंह से कथित तौर पर मदद मांगी थी। कुमार ने बताया, “घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए गए हैं। गोलीबारी मुकेश सिंह के घर के सामने हुई। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं और जांच जारी है।” छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह एक बाहुबली नेता हैं, जिन्होंने बिहार की मोकामा विधानसभा सीट का कई बार प्रतिनिधित्व किया है। उनकी पत्नी और मोकामा की मौजूदा विधायक नीलम देवी हाल ही में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) छोड़ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) में शामिल हो गई थीं।
अनंत सिंह के घर से मिले थे हथियार
अनंत सिंह को 2018 में उनके पैतृक आवास से एके-47 राइफल, गोला-बारूद और दो हथगोले बरामद होने से जुड़े मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद जून 2020 में विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। हालांकि, अगस्त 2024 में पटना उच्च न्यायालय ने सिंह को मामले में बरी कर दिया था और जेल से उनकी तत्काल रिहाई का निर्देश दिया था। राजद के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर "अपराधियों को संरक्षण" देने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता में आती है, तो वह सुनिश्चित करेगी कि अपराधी सलाखों के पीछे जाएं। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने पटना के बाहरी इलाके मोकामा में बुधवार को गोलीबारी की घटना पर यह टिप्पणी की। (भाषा इनपुट के साथ)