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सेनेगल में बंधक बने मुजफ्फरपुर के उमाशंकर: न खाना, न वेतन...12-12 घंटे जबरन कराया जा रहा काम, परिजनों ने लगाई वतन वापसी की गुहार

 Published : Sep 10, 2026 12:57 pm IST,  Updated : Sep 10, 2026 12:59 pm IST

पीड़ित के परिजनों के अनुसार, उमाशंकर पहले हरियाणा की एक कंपनी में काम करते थे। वहीं उनकी मुलाकात नेपाल के एक युवक से हुई, जिसने डकार की कंपनी में 60,000 रुपये प्रति माह वेतन और रहने-खाने की सुविधा का झांसा दिया। जिसके बाद पीड़ित 17 मई को सेनेगल पहुंचा।

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सेनेगल में बंधक बने मुजफ्फरपुर के उमाशंकर, परिवार ने वतन वापसी की लगाई गुहार Image Source : REPORTER INPUT

अच्छी कमाई का सपना संजोकर पश्चिम अफ्रीकी देश सेनेगल पहुंचे बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के उमाशंकर कुमार मुश्किल में फंस गए हैं। उनके परिवार के अनुसार सेनेगल में उन्हें बंधकर बनाकर जबरन 12-12 घंटे काम कराया जा रहा है। साथ ही उनका पासपोर्ट भी छीन लिया गया है। इतना ही नहीं उन्हें करीब 4 महीने से वेतन भी नहीं दिया गया और न ही सही से खाना दिया जाता है। उमाशंकर की ऐसी स्थिति देख उनके परिवार वालों ने सरकार से उनकी वतन वापसी की मांग की है। परिवार वालों की गुहार पर केंद्रीय मंत्री ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर इस मामले पर ध्यान देने की अपील की है।

पीड़ित से 12-12 घंटे जबरन कराया जा रहा काम

पीड़ित उमाशंकर मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड स्थित कोठिया गांव के निवासी हैं। वे पश्चिम अफ्रीका के देश सेनेगल की राजधानी डकार में काफी समय से प्रताड़ना झेल रहे हैं। बताया जा रहा है कि डकार में स्थित एक हैचरी कंपनी ने उनका पासपोर्ट और वीजा जब्त कर उन्हें बंधक बना लिया है। बिना वेतन दिए उनसे रोजाना 12-12 घंटे जबरन काम कराया जा रहा है। विरोध करने पर मारपीट, भूखा रखने और जेल भेजने की धमकियां भी दी जा रही हैं। साथ ही परिवार वालों ने बताया कि चार माह से उन्हें वेतन तक नहीं मिला है। इस मामले को लेकर परिजनों ने सरकार से उमाशंकर की सुरक्षित वतन वापसी की गुहार लगाई है।

पीड़ित किसी के झांसे में आकर पहुंचा विदेश

पीड़ित के परिजनों के अनुसार, उमाशंकर पहले हरियाणा की एक हैचरी कंपनी में काम करते थे। वहीं उनकी मुलाकात नेपाल के एक युवक से हुई, जिसने डकार स्थित 'जय लक्ष्मी एसआरएल' नामक कंपनी में 60,000 रुपये प्रति माह मानदेय और रहने-खाने की सुविधा का आश्वासन दिया। इसी भरोसे पर वे 17 मई को सेनेगल पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचते ही कंपनी प्रबंधन ने दबाव बनाकर 30,000 रुपये का एग्रीमेंट करा लिया और उनका पासपोर्ट छीन लिया। बताया जा रहा है कि कंपनी का मालिक उत्तराखंड का ही रहने वाला है।

फरवरी में बेटी की शादी

परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उन्हें कंपनी परिसर से बाहर तक जाने की अनुमति नहीं है और कई बार केवल पाव-रोटी और कोल्ड ड्रिंक के सहारे ही दिन गुजारना पड़ रहा है। उमाशंकर ने आगे बताया कि बेटी की शादी और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने बेहतर नौकरी का यह प्रस्ताव स्वीकार किया था और सेनेगल गए थे। उमाशंकर की पत्नी चांदनी देवी ने बताया कि फरवरी में उनकी बड़ी बेटी की शादी तय है। घर के मुखिया के विदेश में फंस जाने से शादी की सभी तैयारियां ठप पड़ गई हैं। वे सिलाई करके और कर्ज लेकर किसी तरह बच्चों का पेट पाल रही हैं।

केंद्रीय मंत्री ने की विदेश मंत्रालय से बात

मामला सामने आने के बाद स्थानीय सांसद सह केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने विदेश राज्य मंत्री से वार्ता कर भारतीय नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तुरंत स्वदेश लाने का आग्रह किया है। केंद्रीय मंत्री ने परिजनों को भरोसा दिया है कि सेनेगल स्थित भारतीय दूतावास के जरिए उमाशंकर की सकुशल वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं। 

(मुजफ्फरपुर से संजीव कुमार की रिपोर्ट)

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