बक्सरः बिहार में 6 और 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी माहौल गरमा गया है। प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियां जनता के बीच जा रही हैं और जनसभाएं की जा रही हैं। राजपुर विधानसभा में भी राजनीतिक गतिविधियां देखी जा रही हैं। संभावित उम्मीदवार जनता के बीच अभी से ही जाना शुरू कर दिए हैं।
राजपुर सीट के बारे में
राजपुर विधानसभा आरक्षित सीट है। यह एक SC श्रेणी की विधानसभा सीट है। यह बक्सर जिले में स्थित है और बक्सर संसदीय सीट के 6 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। इस इलाके में दलितों की आबादी अन्य जातियों की अपेक्षा ज्यादा है। 2020 के विधानसभा चुनाव में 324038 मतदाता थे।
राजपुर सीट का चुनावी इतिहास
राजपुर (SC) सीट मौजूदा समय में कांग्रेस के पास है। साल 2020 में यह निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस ने जीता था। कांग्रेस के विश्वनाथ राम ने जनता दल (यूनाइटेड) के संतोष कुमार निराला को 21204 मतों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी।
साल 2015 में यह सीट जेडीयू के टिकट पर संतोष कुमार निराला ने जीती थी। उस समय बीजेपी के टिकट पर विश्वनाथ राम लड़े थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वह दूसरे स्थान पर थे। 2010 में भी यह सीट जेडीयू के खाते में गई थी। जेडीयू के संतोष कुमार निराला ने एलजेपी के छेदी राम को 10 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। वहीं, 2005 में भी यह सीट जेडीयू ने जीती थी। साल 2000 में राजपुर सीट बसपा जीत गई थी। वहीं, 1995 में यह सीट सीपीआई ने जीत थी।
इस बार मुकाबला होगा कड़ा
राजपुर सीट पर मुकाबला इस बार कड़ा होने की उम्मीद है। क्योंकि चिराग पासवान की पार्टी इस बार एनडीए गठबंधन के तहत चुनाव लड़ सकती है। वहीं, प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी इस बार चुनावी मैदान में पहली बार उतरेगी। वहीं निर्दलीय भी मुकाबले को कड़ा कोशिश करने की कोशिश करेंगे। हाल के दिनों में दलितों समुदाय का प्रशांत किशोर के प्रति रुझान बढ़ा है। इसलिए जनसुराज पार्टी किसी भी दल का खेल बिगाड़ सकती है।