भाजपा के राज्यसभा सांसद भीम सिंह ने बिहार के गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के IATA कोड 'GAY' को लेकर चिंता जताई है। इसके जवाब में नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने लिखित जवाब में कहा, 'एक बार दिए गए तीन अक्षरों के कोड हवाई अड्डे के स्थायी कोड माने जाते हैं। केवल असाधारण परिस्थितियों में ही, इन्हें बदला जाता है, खासकर हवाई सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के मामले में। इन तीन अक्षर के कोड़, जिन्हें IATA स्थान पहचानकर्ता भी कहा जाता है, उसे अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) द्वारा हवाई अड्डों की पहचान के लिए और हवाई यातायात संबंधित प्रक्रियाओं और प्रणालियों में उपयोग के लिए दिया जाता है।'
मंत्री ने दिया जवाब
मंत्री मोहोल ने अपने लिखित जवाब में राज्यसभा में कहा कि ये कोड आमतौर पर उस स्थान के नाम के पहले तीन अक्षरों का उपयोग करके दिए जाते हैं, जहां हवाई अड्डा स्थित होता है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले समय में गया के कोड को बदलने की मांग विमानन मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी को मिल चुकी है। मोहोल ने कहा, "IATA स्थान कोड मुख्य रूप से वाणिज्यिक विमान संचालन के लिए होते हैं और इन्हें एयरलाइन ऑपरेटरों की मांग पर जारी किया जाता है। इससे पहले एयर इंडिया द्वारा IATA से मौजूदा कोड बदलने की मांग की गई थी।"
क्या बोले भीम सिंह?
इसे लेकर IATA ने बताया कि IATA रिजोल्यूशन 763 के तहत, दिए गए तीन-अक्षर कोड स्थायी माने जाते हैं और इन्हें केवल असाधारण परिस्थितियों में, आमतौर पर हवाई सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण ही बदला जाता है। मंत्री का यह जवाब भाजपा सदस्य भीम सिंह के सवालों के लिए था, जिन्होंने पूछा था कि क्या यह सच है कि गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का कोड 'GAY' है, जिसे लोग सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से अपमानजनक और असहज मानते हैं। भीम सिंह ने राज्यसभा में यह भी पूछा कि क्या सरकार 'GAY' कोड को अधिक सम्मानजनक और सांस्कृतिक रूप से उचित कोड से बदलने पर विचार कर रही है।
(इनपुट-पीटीआई)