पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को वोटिंग होनी है लेकिन उससे पहले प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की ओर से दावा किया गया है कि उसके 20 नेताओं को पटना में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जनसुराज की ओर से इस संबंध में चुनाव पर्यवेक्षक को एक चिट्ठी भी लिखी गई है।
पीके की पार्टी की ओर से पुलिस पर्यवेक्षक को भेजी गई चिट्टी में कहा गया है कि जुनसुराज के कार्यकर्ताओं को जो पटना में अपने परिजनों से मिलने या अन्य किसी कार्य से आए हैं उन्हें एकतरफा कार्रवाई करते हुए लगातार गिरफ्तार किया जा रहा है। प्रत्युष पूर्व को जक्कनपुर थाना, वरुण कुमार खगड़िया को पीरबहोर थाना, मोतिहारी के रहने वाले अभय शर्मा को जक्कनपुर थाना, विकास सिंह, अमीर इम्तियाज, मनीष झा और सुदर्शन मिश्रा जी को नाटकीय ढंग से एसटीएफ ने उठाया। इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया जाए।
सभी दलों ने झोंकी पूरी ताकत
बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए मंगलवार को चुनाव प्रचार समाप्त हो गया हालांकि प्रचार के अंतिम दिन सभी प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और हालिया छात्र आंदोलन को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाते हुए मतदाताओं को साधने का प्रयास किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई यह सीट पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी और एनडीए के अन्य नेताओं ने सोमवार को संयुक्त रोड शो किया था। वहीं, मंगलवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी रोड शो कर बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया।
बीजेपी और जनसुराज में टक्कर
हालांकि बांकीपुर में मुख्य मुकाबला भाजपा और प्रशांत किशोर के बीच माना जा रहा है, लेकिन चुनाव मैदान में कुल 25 उम्मीदवार हैं। इनमें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रेखा गुप्ता भी प्रमुख प्रत्याशी हैं। रेखा गुप्ता नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में उपविजेता रही थीं, जिसमें भाजपा के नितिन नवीन ने 50 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। चुनाव प्रचार के शुरुआती दौर में राजद के कई वरिष्ठ नेताओं के राज्य से बाहर रहने के कारण रेखा गुप्ता का अभियान धीमा रहा। हालांकि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के लौटने के बाद पार्टी के प्रचार अभियान में तेजी आई। एनडीए को उम्मीद है कि विपक्षी मतों के बंटवारे का लाभ उसे मिलेगा और वह इस सीट को बरकरार रखने में सफल रहेगा।
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