आप अपना घर खरीदने के लिए बिना परेशानी के कितना खर्च कर सकते हैं?
आपको लोन के तौर पर अधिकतम जितनी रकम मिल सकती है और आप असल में लोन की कितनी रकम आसानी से चुका सकते हैं, इन दोनों आंकड़ों में काफी फर्क होता है। सबसे पहले अपनी महीने की इनकम और दूसरे मौजूदा खर्चों का हिसाब लगाएँ, जिसमें पहले से चल रहे हैं EMIs, किराया और घर के सामान्य खर्च शामिल हैं। इसके बाद, होम लोन की EMI के लिए रकम तय करने से पहले अपनी बचत, अचानक आने वाले खर्चों और महीने के बाकी खर्चों के लिए भी थोड़ा बजट अलग जरूर रखें।
इससे आपको पता चलता है कि आप कितनी रकम तक का लोन चुका सकते हैं। फिर आप लोन के तौर पर मिलने वाली अधिकतम रकम के पीछे भागने के बजाय, इसी तय सीमा के आधार पर अपनी प्रॉपर्टी का बजट बना सकते हैं।
यह पता लगाने का एक आसान तरीका है: अगर यह खरीदारी तभी मुमकिन हो पाती है जब हर महीने आपकी बचत का एक-एक रुपया सिर्फ EMI चुकाने में ही चला जाए, तो हो सकता है कि यह प्रॉपर्टी आपके आरामदायक बजट से बाहर हो।
आपको असल में कितना लोन लेना चाहिए?
जब आपको पता चल जाए कि आप हर महीने कितनी रकम आसानी से चुका सकते हैं, तो अगला सवाल आता है कि उस रकम से प्रॉपर्टी की कुल कीमत का कितना हिस्सा चुकाया जा सकता है। इसके लिए, प्रॉपर्टी की कीमत में से अपनी तरफ से दी जाने वाली रकम, जैसे कि अपनी सेविंग्स घटाने पर आपको पता चल जाएगा कि आपको असल में बैंक से कितना लोन लेना है।
बजाज फाइनैंस होम लोन EMI कैलकुलेटर में ब्याज़ दर और समय-सीमा के अलावा लोन की रकम भी तीन मुख्य जानकारियों में से एक है। आम तौर पर, लोन की रकम जितनी ज़्यादा होगी, उसकी EMI भी उतनी ही ज़्यादा होगी और लोन की समय-सीमा के दौरान आपको ज़्यादा ब्याज़ चुकाना पड़ेगा।
लोन पाने की शर्तों को पूरा करने पर बजाज फाइनैंस आपको 15 करोड़ रुपये* तक का होम लोन देता है। इसके बावजूद, लोन की रकम उतनी ही होनी चाहिए जिसे आप आसानी से चुका सकें, न कि वह अधिकतम रकम जो आपको मिल सकती है।
उस लोन के लिए आपको हर महीने कितनी रकम चुकानी होगी?
होम लोन EMI कैलकुलेटर में तीन बातों की जानकारी भरनी होती है:
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भरी जाने वाली जानकारी |
यह क्यों मायने रखता है |
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लोन की रकम |
इससे तय होता है कि आप कुल कितनी रकम का लोन ले सकते हैं |
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ब्याज़ दर |
यह अंदाजा लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली दर तय करता है |
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समय-सीमा |
इससे तय होता है कि आपको लोन चुकाने के लिए कितना समय मिलेगा |
और फिर कैलकुलेटर आपको ये चार नतीजे दिखाता है जिनकी आप तुलना कर सकते हैं:
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दिखने वाले नतीजे |
इसका क्या मतलब है |
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EMI |
आपके महीने की किस्त |
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कुल ब्याज़ |
लोन की समय-सीमा में चुकाया जाने वाला ब्याज़ |
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कुल भुगतान |
मूलधन और ब्याज़ को जोड़कर कुल रकम |
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लोन चुकाने का शेड्यूल |
समय के साथ बकाया राशि कैसे कम होती है |
सिर्फ़ EMI की रकम को ही न देखें। हो सकता है कि महीने की किस्त देखने में सस्ती लगे, लेकिन लंबे समय तक चलने वाले लोन पर कुल ब्याज़ आपकी उम्मीद से कहीं ज़्यादा हो सकता है।
क्या EMI कम होने से आपके होम लोन की लागत बढ़ सकती है?
जी हाँ। कम EMI का मतलब हो सकता है कि आपको कुल मिलाकर ज़्यादा पैसे चुकाने पड़ें, क्योंकि लोन की समय-सीमा और ब्याज़ एक-दूसरे के विपरीत काम करते हैं। लंबी समय-सीमा से आपके महीने की EMI को तो कम हो जाती है, लेकिन ब्याज़ ज़्यादा सालों तक जुड़ता रहता है।
लोन की समय-सीमा कम होने से आपको हर महीने ज़्यादा रकम चुकानी पड़ती है, लेकिन लोन जल्दी खत्म हो जाता है और कुल मिलाकर ब्याज़ भी कम चुकाना पड़ता है। ज़्यादा समय वाले लोन में हर महीने का बोझ तो कम हो जाता है, लेकिन कई सालों तक ब्याज़ चुकाना पड़ता है।
यह सोचने के बजाय कि किस विकल्प में सबसे कम EMI देनी होगी, खुद से यह पूछें कि आप बेवजह लोन की समय-सीमा को ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ाए बिना कितनी EMI आसानी से चुका सकते हैं। यही वो सवाल है जो कैलकुलेटर को सही फैसला लेने में मदद करने वाला टूल बना देता है।
अगर आपकी ब्याज़ दर बदल जाए तो क्या होगा?
EMI का कैलकुलेशन काफी हद तक ब्याज़ दर पर निर्भर करता है, लेकिन फ्लोटिंग-रेट वाले होम लोन में यह दर पूरे लोन के दौरान एक जैसी नहीं रहती है। फ्लोटिंग-रेट होम लोन में, अगर बैंक का बेंचमार्क रेट बदलता है, तो आपकी EMI की रकम भी कम या ज्यादा हो सकती है।
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के नियमों के मुताबिक, फ्लोटिंग-रेट वाले रिटेल लोन को रेपो-रेट जैसे किसी बाहरी बेंचमार्क से जोड़ना ज़रूरी है, ताकि उस बेंचमार्क में बदलाव होने पर EMI भी बदल सके। बजाज फाइनैंस ऐसे होम लोन की सुविधा देता है जिनकी ब्याज़ दरें रेपो-रेट जैसे किसी बाहरी बेंचमार्क से जुड़ी होती हैं।
कैलकुलेटर में भरी गई ब्याज़ दर के हिसाब से जो EMI दिख रही है, उसे पूरे लोन के दौरान तय EMI मानने के बजाय सिर्फ एक अंदाज़ा मानें। हमेशा वही ब्याज़ दर भरकर कैलकुलेशन करें जो असल में आपके लोन पर लागू होने वाली है, न कि कोई ऐसी कम दर भरें जिसमें आपको EMI आसान दिखाई दे।
आप कैसे जान सकते हैं कि घर खरीदना अभी भी आपके बजट में फिट है या नहीं?
1. सबसे पहले उस प्रॉपर्टी की कीमत तय करें जिसे आप खरीदने वाले हैं।
2. अपनी तरफ से दी जाने वाली रकम को घटाकर लोन की रकम का अंदाज़ा लगाएँ।
3. अपने संभावित लोन पर लागू होने वाली ब्याज़ दर भरें।
4. लोन की अलग-अलग समय-सीमा को भरकर देखें और EMI और चुकाई जाने वाली कुल रकम की तुलना करें।
5. मुख्य नतीजों को एक साथ देखें और समझें:
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आपको क्या देखना है |
आपको असल में खुद से क्या सवाल पूछना है |
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EMI |
क्या मैं हर महीने इतनी रकम चुका पाऊँगा? |
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कुल ब्याज़ |
लोन लेने पर असल में मेरा कितना खर्च होगा? |
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कुल भुगतान |
मुझे कुल कितनी रकम वापस करनी होगी? |
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लोन चुकाने का शेड्यूल |
क्या लोन चुकाने की यह समय-सीमा मेरे लिए सही है? |
6. अगर लोन की रकम आपकी जेब पर भारी पड़ रही है, तो अपनी प्रॉपर्टी के बजट पर दोबारा सोचें। अगर लोन चुकाने के बाद आपके पास बाकी के ज़रूरी खर्चों के लिए पैसे नहीं बचते हैं, तो बेहतर यही होगा कि आप लोन की रकम या प्रॉपर्टी का बजट कम कर लें।
मान लीजिए पुणे में नौकरी करने वाला 32 साल का एक खरीदार 50 लाख रुपये का होम लोन लेना चाहता है, जिस पर सालाना 7.50%* की ब्याज़ दर लगेगी:
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लोन से जुड़ी मुख्य बातें |
20 साल की समय-सीमा |
32 साल की समय-सीमा |
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लोन की रकम |
50 लाख रुपये |
50 लाख रुपये |
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ब्याज़ दर |
सालाना 7.50%* |
सालाना 7.50%* |
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अनुमानित EMI |
40,280 रुपये |
34,393 रुपये |
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लगभग कुल ब्याज़ |
46.67 लाख रुपये |
82.07 लाख रुपये |
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चुकाई जाने वाली कुल रकम |
96.67 लाख रुपये |
1.32 करोड़ रुपये |
32 साल की समय-सीमा चुनने पर EMI हर महीने लगभग 5,886 रुपये कम हो जाती है, लेकिन पूरे लोन पर चुकाया जाने वाला कुल ब्याज़ लगभग 35.40 लाख रुपये बढ़ जाता है। इसके अलावा, लोन की रकम का 4% तक प्रोसेसिंग शुल्क और लागू GST भी शुरुआती लोन की लागत में जुड़ सकते हैं।
इस तुलना से साफ होता है कि सिर्फ़ कम EMI देखकर लोन की समय-सीमा तय नहीं करनी चाहिए। लंबी समय-सीमा से हर महीने की किस्त कम हो सकती है, लेकिन कुल ब्याज़ का खर्च काफी बढ़ जाता है। अगर किसी प्रॉपर्टी की EMI आपके मासिक बजट पर बहुत ज़्यादा बोझ डालती है, तो प्रॉपर्टी का बजट कम करने, डाउन पेमेंट बढ़ाने या लोन की रकम में बदलाव करने पर विचार करें।
बजाज फाइनैंस होम लोन किस तरह इस प्लान के लिए सबसे बेहतर है?
एक बार अपने प्लान के मुताबिक लोन की रकम, ब्याज़ दर और समय-सीमा तय करने के बाद, आप इन सभी शर्तों की तुलना बजाज फाइनैंस के ऑफर्स से करके देख सकते हैं।
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आपको किन चीजों पर गौर करना है |
बजाज फाइनैंस होम लोन |
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लोन की रकम |
15 करोड़ रुपये तक* |
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शुरुआती ब्याज़ दर |
सालाना 7.50%* |
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अधिकतम समय-सीमा |
32 साल तक* |
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अनुमानित EMI |
688 रुपये/लाख से शुरू * |
कुछ और बातें जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है:
1. जरूरी शर्तों को पूरा करने पर, आवेदन जमा करने के 48 घंटों* के भीतर मंज़ूरी
2. चुनने के लिए 5,000 से अधिक अप्रूव्ड प्रोजेक्ट्स के विकल्प
3. होम लोन बैलेंस ट्रांसफर, साथ ही योग्य ग्राहकों के लिए ₹1 करोड़* तक के टॉप-अप लोन की सुविधा
होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले आपको किन बातों की जाँच करनी चाहिए?
1. उस प्रॉपर्टी की कीमत तय करें जिसे आप खरीदने वाले हैं।
2. तय करें कि आपको कितने लोन की जरूरत है।
3. EMI कैलकुलेटर की मदद से लोन का हिसाब लगाएं।
4. कम से कम लोन की दो समय-सीमा की तुलना करें।
5. सिर्फ EMI ही नहीं, बल्कि कुल ब्याज़ और चुकाई जाने वाली कुल रकम पर भी गौर करें।
6. अपनी एलिजिबिलिटी के बारे में जान लें और सारे ज़रूरी दस्तावेज़ पहले से तैयार रखें।
7. अगर चुकाई जाने वाली रकम आपके फाइनैंशियल प्लान के हिसाब से सही है, तो लोन के लिए आवेदन करें।
आपकी एलिजिबिलिटी असल में आपकी उम्र, इनकम और CIBIL स्कोर जैसी कई बातों पर निर्भर करती है। आम तौर पर ज़रूरी दस्तावेज़ों में KYC संबंधी जानकारी, सैलरी स्लिप या P&L स्टेटमेंट जैसे इनकम-प्रूफ, खुद का काम करने वालों के लिए बिजनेस-प्रूफ और आपके पिछले छह महीनों के अकाउंट स्टेटमेंट शामिल होते हैं।
घर खरीदने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा लोन लेने के बजाय उसे आसानी से चुकाने में ही समझदारी है।
घर खरीदने की सही शुरुआत इस बात से होती है कि आप हर महीने कितनी रकम आसानी से चुका सकते हैं, न कि इस बात से कि आपको ज़्यादा से ज़्यादा कितना लोन मिल सकता है। EMI कैलकुलेटर आपके लिए प्रॉपर्टी तो नहीं चुन सकता, लेकिन यह ज़रूर बता सकता है कि आपकी लोन की रकम, ब्याज़ दर और समय-सीमा के हिसाब से आपकी हर महीने की EMI कितनी होगी और आपको कुल कितनी रकम चुकानी होगी।
कोई भी फैसला लेने से पहले सारे आंकड़ों पर अच्छी तरह गौर करें, लोन की समय-सीमा की तुलना करें और देख लें कि कुल मिलाकर कितना खर्च आएगा। होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले, एक बार बजाज फाइनैंस होम लोन EMI कैलकुलेटर में इन आंकड़ों को भरकर जरूर देखें।
* नियम व शर्तें लागू