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वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो देखेंगे पीएम मोदी, राफेल से तेजस तक दिखेगी वायु सेना की ताकत

 Reported By: Manish Prasad,  Written By: Niraj Kumar
 Published : Oct 25, 2026 08:57 am IST,  Updated : Oct 25, 2026 09:20 am IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी में गंगा के तट पर भारतीय वायु सेना की ताकत और हवाई करतबों का प्रदर्शन देखेंगे। नमो घाट पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और मिग-29 समेत छह लड़ाकू विमान एरोहेड फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।

Air Show- India TV Hindi
एयर शो Image Source : PTI

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आज वाराणसी का आसमान भारतीय वायु सेना की युद्धक क्षमता, आधुनिकीकरण और तकनीकी प्रगति का साक्षी बनेगा। ‘विंग्स ओवर गंगा’ के जरिए भारतीय वायु सेना यह प्रदर्शित करेगी कि वह पारंपरिक हवाई शक्ति के साथ-साथ आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों के लिए भी अपनी क्षमताओं को लगातार विकसित कर रही है। गंगा के तट पर होने वाला यह आयोजन भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों, आधुनिक हथियारों, पायलटों के कौशल और तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त तालमेल को एक साथ प्रस्तुत करने वाला खास प्रदर्शन होगा। यह एयर शो 11:40 बजे शुरू होगा और प्रधानमंत्री एक बजे के करीब इसे देखने पहुंचेंगे। 

IAF का 94 वां स्थापना दिवस, नमो घाट पर आयोजन

वाराणसी में गंगा के तट पर भारतीय वायु सेना की ताकत, आधुनिक तकनीक और युद्धक तैयारियों का शानदार प्रदर्शन होगा। नमो घाट पर आयोजित होने वाले ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो के समापन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वायु सेना प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष हवाई प्रदर्शन में देश की हवाई शक्ति से लेकर भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए तैयारियों तक की झलक देखने को मिलेगी।

भारतीय वायु सेना इस एयर शो के जरिए केवल पारंपरिक फ्लाईपास्ट नहीं, बल्कि वास्तविक युद्ध परिस्थितियों से प्रेरित अभ्यासों और आधुनिक सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही है। आज होने वाले अंतिम कार्यक्रम में लड़ाकू विमानों की विशेष फॉर्मेशन, हवाई युद्ध का सिमुलेशन, अत्याधुनिक सेंसर तकनीक और एरोबैटिक टीमों के करतब प्रमुख आकर्षण होंगे।

12 एयरबेस से विमानों का संचालन, तीनों सेनाओं का दिखेगा तालमेल

इस बड़े हवाई प्रदर्शन के लिए देश के 12 एयरबेस से करीब 100 विमानों की भागीदारी निर्धारित की गई है। इनमें लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और परिवहन विमान शामिल हैं। इस अभियान में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच सटीक तालमेल भी देखने को मिलेगा। इस प्रदर्शन का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों की संयुक्त  क्षमता, आधुनिक युद्ध प्रणालियों और विभिन्न सैन्य प्लेटफॉर्म के बीच समन्वय को प्रदर्शित करना है।

पहली बार छह लड़ाकू विमान एक साथ एरोहेड फॉर्मेशन में भरेंगे उड़ान

आज के एयर शो का सबसे बड़ा आकर्षण छह अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों की एरोहेड फॉर्मेशन होगी। इसमें सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 एक साथ उड़ान भरेंगे। एक ही फॉर्मेशन में भारतीय वायु सेना के इन छह अलग-अलग लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन उनकी क्षमताओं, पायलटों के कौशल और सटीक तालमेल की झलक पेश करेगा। इस प्रदर्शन में विमानों की गति, फॉर्मेशन बनाए रखने की क्षमता और मिशन के दौरान आपसी समन्वय पर खास ध्यान रहेगा। ये वास्तविक हथियारों के साथ उड़ान भरने वाले विमान भी शामिल होंगे। इनमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए गए कुछ हथियारों से जुड़ी क्षमताओं की झलक भी देखने को मिल सकती है।

गंगा के ऊपर दिखेगा नकली हवाई युद्ध, जगुआर को रोकने आएगा सुखोई

आज के प्रदर्शन में दर्शकों को हवाई युद्ध की रणनीति का सिमुलेशन भी देखने को मिलेगा। दो जगुआर विमान मालवीय पुल के ऊपर तेज गति से हमले का अभ्यास करेंगे, जबकि एक सुखोई-30 एमकेआई उन्हें रोकने के लिए इंटरसेप्शन का अभ्यास करेगा। इस अभ्यास के जरिए यह दिखाया जाएगा कि हवाई युद्ध के दौरान लड़ाकू विमान किस तरह संभावित खतरे का जवाब देते हैं और किस तरह अलग-अलग विमानों के बीच तालमेल के जरिए मिशन को अंजाम दिया जाता है।

8,000 फीट की ऊंचाई से इन्फ्रारेड कैमरे में रिकॉर्ड होगा सुखोई का करतब

एयर शो में सुखोई-30 एमकेआई का तेज गति वाला वर्टिकल मैन्यूवर भी खास आकर्षण होगा। एक सुखोई दर्शक दीर्घा के सामने यह करतब दिखाएगा, जबकि दूसरा सुखोई-30 एमकेआई लगभग 8,000 फीट की ऊंचाई से इन्फ्रारेड इमेजिंग पॉड की मदद से पूरे प्रदर्शन को रिकॉर्ड करेगा।यह प्रदर्शन लड़ाकू विमानों की उड़ान क्षमता के साथ-साथ आधुनिक सेंसर और इमेजिंग तकनीक की भूमिका को भी सामने लाएगा।

नौसेना का P-8I और मिराज-2000 भी दिखाएंगे ताकत

इस आयोजन में भारतीय नौसेना का P-8I समुद्री निगरानी विमान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह विमान चेन्नई के पास अरक्कोनम से उड़ान भरकर ग्वालियर के ऊपर मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के साथ तालमेल स्थापित करेगा और फिर वाराणसी में एयर शो का हिस्सा बनेगा। यह गतिविधि अलग-अलग सैन्य प्लेटफॉर्म के बीच समन्वय और तीनों सेनाओं की संयुक्त परिचालन क्षमता को प्रदर्शित करेगी।

सूर्य किरण और सारंग के करतबों के साथ होगा समापन

आज के भव्य एयर शो का समापन भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के शानदार हवाई करतबों के साथ होगा। सूर्य किरण टीम अपने सटीक फॉर्मेशन और एरोबैटिक प्रदर्शन से आसमान में रोमांच पैदा करेगी, जबकि सारंग टीम के हेलीकॉप्टर अपनी उड़ान क्षमता और समन्वय का प्रदर्शन करेंगे।

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