नई दिल्ली: अगर इस बार का मानसून सामान्य रहा है तो भारत की जीडीपी 7.9 फीसदी के आसपास रह सकती है। यह मानना है वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का। क्रिसिल का आकलन है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा रफ्तार काफी हद तक मानसून पर निर्भर है।
क्रिसिल का मानना है कि अगर मानसून सामान्य रहा तो इस वित्तीय वर्ष में भारत की जीडीपी 7.9 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगी, लेकिन वहीं अगर मानसून सामान्य से नीचे रहा तो जीडीपी की दर 7.4 फीसदी के आस-पास रह सकती है। आपको बता दें कि
मानसून पर क्या है स्थिति-
दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यत: 1 जून तक केरल पहुंचता, लेकिन इस बार मौसम विभाग का अनुमान है कि यह दो दिन पहले यानी 30 मई को केरल के तट पर दस्तक देगा। लेकिन इस बार अलनीनो के खतरे के चलते मानसून के कमजोर रहने की आशंका भी मौसम विभाग की ओर से जताई गई है। आमतौर पर अलनीनो के बनने से मानसून में देरी या कमी की संभावना तेज हो जाती है। आपको बता दें कि दक्षिणी पश्चिमी मानसून खरीफ की फसल के लिए काफी फायदेमंद होता है। सीधे शब्दों में कहें तो चावल, सोयाबीन, कपास और मक्के जैसे मोटे अनाज वाली फसले इस पर पूरी तरह से निर्भर होती हैं। ऐसे में अगर मानसून सामान्य नहीं रहता है तो देश को आर्थिकी नुकसान होना तय है।