नई दिल्ली: वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने आज कहा कि भूमि अधिग्रहण विधेयक के मामले में केंद्र सरकार कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों की मांग के समक्ष झुक नहीं रही है बल्कि राष्ट्रीय सहमति का सम्मान कर रही है। सिन्हा का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि सरकार भूमि अधिग्रहण विधेयक पर यू टर्न लेती नजर आ रही है। सिन्हा ने इंडिया टुडे टीवी पर एक कार्यक्रम में कहा, हमारा रख राष्ट्रीय रख है। यह वह रख है जिससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी भागीदार खुश व संतुष्ट हैं। मेरी राय तो यही है कि कुछ क्षेत्र विशेष में हम आगे बढे़ हैं और कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हम राष्ट्रीय सहमति के संग हैं।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने आज भूमि विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने की इच्छा जताई। समिति ने संप्रग सरकार के कानून के प्रावधानों को बहाल किया था। क्या यह कांग्रेस की जीत व सरकार के लिए हार है, यह पूछे जाने पर सिन्हा ने कहा, हमारा काम भारत की जनता की सेवा उसके बेहतर हितों में करना है और वह भारत के दीर्घकालिक हितों को पूरा करता हो। ऐसा करते समय हमें भागीदारों के विचारों को भी ध्यान में रखना होगा। मंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री व वित्तमंत्री अनेक बार कह चुके है कि इस तरह के नाजुक व संवेदनशील मुद्दे पर सरकार एक राष्ट्रीय सहमति बनाएगी।
वहीं जीएसटी विधेयक संबंधी एक सवाल पर सिन्हा ने कहा कि इस प्रमुख संविधान संशोधन विधेयक को पारित करवाने के लिए सरकार के पास बहुत कम समय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को बदले व विघ्न की राजनीति में नहीं पड़ना चाहिए और इस विधेयक को पारित करवाने में केंद्र की मदद करनी चाहिए। सिन्हा ने कहा, हम :जीएसटी के पारित होने को लेकर: हमेशा आशावान रहे हैं हम संसद में अपने साथियों से विनती व प्रार्थना करते रहेंगे भगवान के लिए जीएसटी को पारित होने
दिया जाए।