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चीन को लेकर फैली घबराहट के बीच राजन ने बाजार को दिलाया भरोसा

 Written By: PTI
 Published : Aug 24, 2015 12:33 pm IST,  Updated : Aug 24, 2015 12:33 pm IST

मुंबई: चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर गहराई चिंता से शेयर और रुपए में भारी गिरावट के बीज रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि भारत की वृहद आर्थिक स्थिति अन्य देशों की

चीन की अर्थव्यवस्था...- India TV Hindi
चीन की अर्थव्यवस्था कि तुलना में राजन ने कहा भारत की स्थिति मजबूत है

मुंबई: चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर गहराई चिंता से शेयर और रुपए में भारी गिरावट के बीज रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि भारत की वृहद आर्थिक स्थिति अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत है और ऐसे में डर की कोई जरूरत नहीं है।  राजन ने कहा, मैं बाजारों को यह आश्वस्थ करना चाहता हूं कि हमारे वृहद आर्थिक कारक नियंत्रण में हैं और हमारी अर्थव्यवस्था औरों की तुलना में बहुत अच्छी स्थिति में है। RBI गवर्नर यहां राष्ट्रीय बैंकिंग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन बैंकों के संघ IB और FICCI ने मिल कर किया है।  उन्होंने कहा कि देश के पास इस समय 380 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। जब और जैसी जरूरत पड़ेगी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

RBI गवर्नर राजन ने आने वाले समय में नीतिगत ब्याज दर में कमी किये जाने का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि जिंसों की कीमतों में और अधिक कमी आने, सरकार की ओर से अनाज के अच्छे प्रबंध और मुद्रास्फीति के खिलाफ केंद्रीय बैंक की सख्त नीति से नरम मौद्रिक नीति (नीतिगत दरों में कमी) की बन रही गुंजाइश पर रिजर्व बैंक ध्यान देगा।

राजन ने कहा, जिंस बाजार में गिरती कीमतों और सरकार की ओर से खाद्य बाजार के अच्छे प्रबंध से रिजर्व बैंक को (नीतिगत ब्याज कम करने में)  मदद मिलेगी। राजन ने कहा, उन्हें लगता है कि कच्चे तेल की कीमतें अभी एक दो साल नीचे ही चलेंगी।

गौरतलब है कि आज भारत सहित एशियायी शेयर बाजारों में भारी उठापटक के बीच रपया डॉलर के मुकाबले टूट कर शुरूआती कारोबार में 66 पैसे की तेज गिरावट के साथ 66.49 तक चला गया। यह दो साल में रपए का न्यूनतम स्तर है। रपए में यह गिरावट ऐसे समय देखी गयी जबकि अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं के समक्ष डालर कमजोर रहा।

शेयर बाजारों से विदेशी धन की निकासी बढने से रुपए पर दबाव बढ़ गया था। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि विदेशी विनियम बाजार में उथल पुथल चल रही थी और उसमें चीन तो आखिरी पड़ाव है। उन्होंने कहा कि यूं तो जापानी येन और यूरो के समक्ष रुपए की विनिमय दर मजबूत हुई है। गवर्नर ने कहा कि विनिमय बाजार में अप्रत्याशित उतार चढाव से निपटने के लिए रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त संसाधन है।

स्थानीय शेयर बाजारों में आज कारोबार के दौरान इस वर्ष अब तक सबसे बड़ी गिरवट देखी गई। प्रारंभिक कारोबार में मुंबई बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1006 अंक टूट गया। खास कर संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के दबाव में नेशनल स्टाक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी भी गिर कर 8,000 से नीचे चला गया।

चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर गहराती चिंताओं के बीच आज एशिया के प्रमुख शेयरों में भारी उथल पुथल रही। शंघाई शेयर बाजार में आठ फीसद की गिरावट दर्ज की गई। चीन की अर्थव्यवस्था का संकट पहले के अनुमानों से भी गहरा माना जा रहा है जिससे निवेशकों में घबराहट देखी गई।

सुबह सेंसेक्स 1006.54 अंक या 3.67 फीसदी गिर कर 26,359.53 अंक तथा एनएसई का निफ्टी भी 3.72 प्रतिशत :309.05 अंक: नीचे 7,990.90 पर चल रहा था। निफ्टी के सभी 50 शेयर गिरावट में थे।

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