छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। ये नक्सली अबूझमाड़ इलाके में सक्रिय थे और इन पर कुल 37.5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि माओवादियों के माड़ डिवीजन के अंतर्गत कुतुल, नेलनार और इंद्रावती क्षेत्र समितियों के नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने पुलिस को बताया कि वे खोखली माओवादी विचारधारा और प्रतिबंधित संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेदों से निराश थे। उन्होंने बताया कि वे जिले के माड़ इलाके में तेजी से हो रहे सड़कों के निर्माण सहित चल रहे विकास कार्यों से भी प्रभावित थे और सामान्य जीवन जीना चाहते थे।
मनकू कुंजम पर था 8 लाख का इनाम
अधिकारी ने बताया कि हथियार डालने वाले नक्सलियों में से, डिवीजनल कमेटी के सदस्य मनकू कुंजम (33) पर 8 लाख रुपये का इनाम था, जबकि तीन एरिया कमेटी सदस्यों, जिनकी पहचान हिड़मे कुंजम (28), पुन्ना लाल उर्फ बोटी (26) और सनीराम कोर्राम (25) के रूप में हुई है, पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि ग्यारह नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम था, जबकि सात अन्य पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था।
सभी नक्सलियों को पुनर्वास में मिलेगी मदद
नारनपुर पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, आईटीबीपी और बीएसएफ ने उनके आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस घटनाक्रम से शीर्ष माओवादी कार्यकर्ताओं को बड़ा झटका लगा है। गुरिया ने कहा कि नक्सल मुक्त माड़ का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई है और सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा। इस आत्मसमर्पण के साथ, इस साल अब तक जिले में 132 नक्सली हिंसा छोड़ चुके हैं।
साय सरकार में 1,476 माओवादिओं का सरेंडर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफलता की सराहना की और कहा कि नक्सली अब बंदूकें छोड़कर विकास के पथ पर साथ चलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 'डबल इंजन' सरकार (केंद्र और राज्य में भाजपा शासन) 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है। नारायणपुर जिले में 37.5 लाख रुपये के इनामी 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उन पर 50,000 रुपये से लेकर 8 लाख रुपये तक के इनाम घोषित किए गए थे। अब तक 1,476 माओवादी हमारी सरकार (दिसंबर 2023 में गठित) के सामने आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
नियाद नेल्लार जैसी योजनाओं का कमाल
सीएम साय ने कहा कि इतने सारे नक्सलियों द्वारा हथियार डालना सरकार की नई आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति और जन कल्याणकारी योजनाओं की सफलता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "'नियाद नेल्लनार' (आपका अच्छा गांव) जैसी योजनाओं ने लोगों में आत्मविश्वास जगाया है और लोग हिंसा छोड़कर विकास की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। हम इन आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।" (इनपुट- पीटीआई)