छत्तीसगढ़: भारी बारिश के चलते छत्तीसगढ़ में भी जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इस बीच भारी बारिश के चलते रेल ट्रैक धंसने से आवागमन पर असर पड़ा है। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है। दरअसल छत्तीसगढ़ के दुर्ग-दल्लीराजहरा खंड में भारी बारिश के कारण लताबोड़ और गुंडरदेही स्टेशनों के बीच जलभराव तथा रेलवे ट्रैक धंसने से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं हैं। ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर ट्रेन परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए।
दुर्ग-दल्लीराजहरा खंड दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर संभाग के अंतर्गत आता है। अधिकारी ने बताया कि रायपुर के संभागीय रेलवे प्रबंधक दयानंद ने सुरक्षा अधिकारियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों के साथ प्रभावित स्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि रेलमार्ग को ठीक करने के लिए इंजीनियरिंग विभाग के एक तकनीकी दल को लगाया गया है।
इन ट्रेनों को रद्द किया गया
उन्होंने बताया कि ट्रेन संख्या 78816, अंतागढ़-रायपुर, दल्लीराजहरा और रायपुर के बीच रद्द रहेगी, जबकि ट्रेन संख्या 78815, रायपुर-अंतागढ़, को 26 सितंबर को रद्द कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन संख्या 68765, ताड़ोकी-रायपुर, और 68764, रायपुर-ताड़ोकी, को भी 26 सितंबर को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और प्रभावित खंड में ट्रैक की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों के अनुसार आवश्यकतानुसार परिचालन संबंधी निर्णय लिये जाएंगे।
दो-तीन दिनों से हो रही है बारिश
पिछले दो-तीन दिनों में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है, नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है, सड़क संपर्क बाधित हुआ है और विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। भारी बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिलाधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है तथा राहत एवं बचाव दलों से जरूरी संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा है।
बस्तर में बिगड़े हालात
बस्तर में लगातार चार दिनों से हो रही बारिश ने हालात बेहद बिगाड़ दिए हैं। बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई जगह जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन गई है। इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कई घरों में पानी घुस चुका है, तो कुछ परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है।
सड़क और रेलमार्ग पर भी असर
वहीं डिमरापाल के पास नेशनल हाईवे पर पानी आने से जगदलपुर से दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और हैदराबाद की सड़क कनेक्टिविटी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर नौकरीपेशा लोगों के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों पर भी पड़ा है। डिमरापाल मेडिकल कॉलेज और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल जाने वाले मरीजों के परिजनों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जरूरी सामान लेकर कई लोग पानी के तेज बहाव के बीच पैदल जाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी जान पर भी खतरा बना हुआ है
बारिश और बाढ़ का असर अब सड़क के साथ रेल और हवाई यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। केके रेल लाइन पर मलबा गिरने की वजह से बस्तर को विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर और कोलकाता से जोड़ने वाली छह ट्रेनों को रद्द किया गया है। वहीं हवाई सेवा भी पिछले दो दिनों से प्रभावित है।
(इनपुट-भाषा)
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