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17 साल की लड़की ने मिला दिया अपने पूरे परिवार के खाने में जहर, भाई को छोड़ सबकी हुई मौत

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 19, 2021 08:53 am IST,  Updated : Oct 19, 2021 06:30 pm IST

फॉरेंसिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 जुलाई की रात को परिवार को परोसे गए रागी मुड्डे (ragi balls) में कीटनाशक मिला दिया गया था। जिसके बाद लड़की की 80 वर्षीय दादी, 45 और 40 वर्ष के माता-पिता और उसकी 16 वर्षीय बहन की 24 घंटे के अंदर अस्पताल में मृत्यु हो गई।

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17 साल की लड़की ने मिला दिया अपने पूरे परिवार के खाने में जहर, भाई को छोड़ सबकी हुई मौत Image Source : PTI

दावणगेरे: कर्नाटक के दावणगेरे से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक साढ़े 17 साल की एक लड़की पर अपने माता-पिता, छोटी बहन और दादी की मौत का आरोप लगा है। कहा जा रहा है कि ये लड़की अपने भाई-बहनों के साथ दुर्व्यवहार और भेदभाव महसूस होने से परेशान थी, इसलिए इसने अपने परिवार के सदस्यों को जहरीला खाना परोस दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। लड़की का बड़ा भाई जो जुलाई में हुई इस घटना में बच गया, उसने फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद शनिवार को शिकायत दर्ज करवाई है। रविवार को लड़की को चित्रदुर्ग मेंजुवेनाइल कोर्ट में भेज दिया गया।

फॉरेंसिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 जुलाई की रात को परिवार को परोसे गए रागी मुड्डे (ragi balls) में कीटनाशक मिला दिया गया था। जिसके बाद लड़की की 80 वर्षीय दादी, 45 और 40 वर्ष के माता-पिता और उसकी 16 वर्षीय बहन की 24 घंटे के अंदर अस्पताल में मृत्यु हो गई।। इस घटना का शिकार उसका भाई भी हुआ, उसने भी पेट में दर्द, उल्टी और पेचिश की शिकायत की थी, लेकिन वो बच गया।

चित्रदुर्ग की एसपी राधिका जी ने कहा कि करीब साढ़े 17 साल की लड़की अपने नाना-नानी के घर में पली-बढ़ी थी और करीब तीन साल पहले अपने माता-पिता के घर रहने के लिए आई। लड़की की नानी और माता-पिता के घरों के बीच महज कुछ गलियों का अंतर है। दोनों परिवार चित्रदुर्ग के भरमासागर के एक गांव में रहते हैं। एसपी ने कहा, "वह अपने नाना-नानी के घर में अच्छा महसूस करती थी जबकि उसे अपने माता-पिता के घर पर ये महसूस होता था कि वहां उसके भाई बहनों से ज्यादा प्यार किया जाता था।"

लड़की ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता उसे नियमित रूप से डांटते और पीटा करते थे और खेत पर काम करने के लिए भेज देते थे। SP राधिका ने बताया कि जब वह अपने माता-पिता के घर आई तो उसे कक्षा 8 में भर्ती कराया गया था, लेकिन वह पढ़ाई में अच्छा नहीं कर रही थी और इस पर झगड़े होते थे। उनके व्यवहार से बहुत नाराज़ होकर, लड़की ने  दुर्व्यवहार से मुक्त होने के लिए उन्हें मारने का फैसला किया।

लड़की ने 12 जुलाई को पुलिस को बताया कि उसने रात के खाने में रागी मुड्डे और सांभर बनाते समय कीटनाशक मिला दिया था। जिसे  परिवार ने तो खाया लेकिन उसने भूख न होने का बहाना बनाकर नहीं खाया। अगले दिन हुई मौतों के बाद, अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया और भोजन के नमूने, बर्तन और विसरा को दावणगेरे में फॉरेंसिक लैब में भेज दिया गया। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने पर पता चला कि रागी मुड्डे में कीटनाशक मिला हुआ था। पूछताछ करने पर पता चला कि छह महीने पहले भी लड़की ने कथित तौर पर सांभर में कीटनाशक मिलाकर परिवार को खत्म करने का पहला प्रयास किया था लेकिन दुर्गंध के कारण परिजनों ने इसे बाहर फेंक दिया और किसी को कुछ शक नहीं हुआ। जुलाई की हुई घटना के बाद  पुलिस को संदेह हुआ क्योंकि लड़की ने रात का खाना नहीं खाया था।

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