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नोएडा: ऑनलाइन पोर्नोग्राफी रैकेट का भंडाफोड़, महीने में 1-2 लाख कमाने के लिए लड़कियां करती थीं गंदा काम

 Reported By: Atul Bhatia Edited By: Shakti Singh
 Published : Mar 28, 2025 09:28 pm IST,  Updated : Mar 28, 2025 11:45 pm IST

ऑनलाइन पोर्नोग्राफी से होने वाली कमाई का 75 फीसदी हिस्सा पति-पत्नी के पास जाता था। वहीं, 25 फीसदी पैसा काम करने वाली लड़कियों को मिलता था।

Representative Image- India TV Hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर Image Source : FILE PHOTO

जांच एजेंसियों ने नोएडा में चल रहे बड़े ऑनलाइन पोर्नोग्राफी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसके साथ ही कई बड़े खुलासे किए हैं। सूत्रों के मुताबिक ये रैकेट पिछले पांच साल से पति-पत्नी मिलकर चला रहे थे। मुख्य आरोपी पहले रशिया में एक ऐसे ही सिंडिकेट का हिस्सा रह चुका है और बाद में भारत आकर अपनी पत्नी के साथ इस पोर्नोग्राफी रैकेट को शुरू किया। ये गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए काम कर रहा था।

सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने फेसबुक पर chapto.com नाम का एक पेज बनाया था, जिसमें मॉडलिंग के ऑफर दिए जाते थे और लड़कियों को मोटी सैलरी का लालच दिया जाता था। दिल्ली-एनसीआर की कई लड़कियों ने इस पेज के जरिए संपर्क किया और जब वे नोएडा स्थित फ्लैट पर ऑडिशन देने पहुंचती थीं तो आरोपी की पत्नी उन्हें इस पोर्न रैकेट का हिस्सा बनने का प्रस्ताव देती थी।

महीने में 1-2 लाख कमाने का ऑफर

लड़कियों को 1 से 2 लाख रुपये महीने कमाने का लालच दिया जाता था। कई लड़कियां पैसे के लालच में आकर इस रैकेट का हिस्सा बन जाती थी। ईडी के सूत्रों ने जानकारी दी कि जब इस पति पत्नी के फ्लैट पर रेड की गई तो वहां उन्हें इस रैकेट में काम करने वाली 3 लड़कियां भी मिलीं। जो उस वक्त ऑनलाइन जुड़ी हुई थीं। ईडी ने इन तीनों लड़कियों के भी बयान दर्ज किए हैं।

लड़कियों को मिलते थे अलग-अलग टास्क

ईडी के मुताबिक ऑनलाइन पोर्नोग्राफी के दौरान लड़कियों के भी अलग-अलग तरीके के टास्क होते थे। मतलब कस्टमर जितना पैसा भेजता था उसी हिसाब से लड़कियां एक्ट करती थी। जैसे, हाफ फेस शो (जहां चेहरा आधा दिखता था), फुल फेस शो (जहां पूरा चेहरा दिखता था), न्यूड कैटेगरी (जिसमें पूरी तरह नग्नता होती थी) इनके लिए ग्राहकों से अलग-अलग रकम वसूली जाती थी। इस कमाई का 75% हिस्सा पति-पत्नी के पास जाता था, जबकि 25 प्रतिशत बाकी का हिस्सा लड़कियों को दिया जाता था।

क्रिप्टो करंसी के जरिए आता था पैसा

कस्टमर का पैसा सबसे पहले इस ऑनलाइन पोर्नोग्राफी रैकेट चलाने वाले लोगों के पास क्रिप्टो करंसी के जरिए जाता था। उसके बाद ये पैसा पति पत्नी के पास आता था। जांच एजेंसियों को शक है कि इस रैकेट के जरिए अब तक लगभग 500 से ज्यादा लड़कियों हायर की जा चुकी होंगी। अधिकारियों का मानना है कि देशभर में इस तरह के ऑनलाइन रैकेट की संख्या लाखों में हो सकती है। ईडी ने जब नोएडा के फ्लैट पर छापा मारा, तो वहां एक प्रोफेशनल वेबकैम स्टूडियो मिला, जो फ्लैट के ऊपरी हिस्से को एक हाई-टेक सेटअप में बदला गया था। जहां से ऑनलाइन कंटेंट प्रसारित किया जाता था।

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