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अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले गिरोह को पुलिस ने किया गिरफ्तार, गाजियाबाद में बैठकर चलाते थे फर्जी कॉल सेंटर

 Written By: Sudhanshu Gaur
 Published : Nov 26, 2022 08:18 pm IST,  Updated : Nov 26, 2022 08:23 pm IST

पुलिस ने आरोपियों के बारे में बताते हुए कहा कि, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के रहने वाले हैं। पुलिस ने मौके से 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। 22 कम्प्यूटर, 15 मोबाइल, 6 फर्जी आधार कार्ड, भारत और यूएसए के नागरिकों से ठगे गए 9 चेक और 4 गाड़ियां रिकवर हुई हैं।

पुलिस ने हिरासत में लिए आरोपी - India TV Hindi
पुलिस ने हिरासत में लिए आरोपी Image Source : TWITTER

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हुए गाजियाबाद में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा है। गाजियाबाद की साइबर क्राइम सेल 2 युवती और 13 युवक गिरफ्तार किए हैं। ये गैंग अमेरिका में रह रहे लोगों के कम्प्यूटर-लैपटॉप में पहले एक वायरस भेजता था, फिर हेल्प करने के नाम पर उनके बैंक खाते साफ़ कर देता था।

गाजियाबाद में बैठकर देते थे घटना को अंजाम 

पुलिस की इस कार्रवाई के बारे में बताते हुए साइबर क्राइम सेल प्रभारी सौरभ विक्रम सिंह ने कहा, "ये कॉल सेंटर लिंक रोड थाना क्षेत्र स्थित पेसिफिक बिजनेस पार्क की एक बिल्डिंग में चल रहा था। शुक्रवार रात पुलिस ने यहां पर छापेमार कार्रवाई की।" उन्होंने बताया कि, पुलिस ने मौके से 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। 22 कम्प्यूटर, 15 मोबाइल, 6 फर्जी आधार कार्ड, भारत और यूएसए के नागरिकों से ठगे गए 9 चेक और 4 गाड़ियां रिकवर हुई हैं।

पुलिस ने आरोपियों के बारे में बताते हुए कहा कि, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी  गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के रहने वाले हैं। साथ ही उन्होंने आरोपियों के नाम भी बताए हैं। नदीम खान, अभिषेक राणावत, ओम शर्मा, आकाश शर्मा, राजा चौहान, रणजीत कुमार, ताबिश, रोहित कुमार, ऋषि दुबे, नवदीप मलिक, ऋषभ वशिष्ठ, मेहरूनिशा, अरुण कुमार, सत्यनारायण और लोपामुद्रा की गिरफ्तारी हुई है। 

आरोपियों ने हजारों लोगों से ठगी की बात कुबूली

पुलिस ने बताया कि, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक  एप के जरिये यूएसए बेस्ड लोगों के कम्प्यूटर में एक बग भेजते थे। इससे वे कम्प्यूटर हैंग हो जाते थे। इसके बाद ये गिरोह उस कम्प्यूटर पर अपना हेल्पलाइन नंबर भेजता था। जिसके बाद सामने वाला व्यक्ति जब मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करता था तो वे उससे रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन डाउनलोड कराकर उसका पूरा कम्प्यूटर हैक कर लेते थे। इसके बाद डेटा हैक करके उसे रिकवर करने के नाम पर रकम वसूलते थे। तमाम लोगों से ये गैंग डॉलर में रकम वसूल चुका है। आरोपियों ने अब तक हजारों लोगों को ठगने की बात कुबूली है।

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