Delhi Health System Scam: एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB ने DGHS की सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के पूर्व हेड ऑफ ऑफिस डॉ. विनोद कुमार रंगा को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। ये मामला दवाइयों, सर्जिकल सामान, मेडिकल उपकरण और अन्य स्वास्थ्य सामग्री की खरीद में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। विजिलेंस निदेशालय की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ सरकारी अधिकारियों और निजी कंपनियों ने मिलकर खरीद प्रक्रिया में हेराफेरी की है। इसके बाद अब ये एक्शन हुआ है।
चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने लिए तैयार की टेंडर की शर्तें
आरोप है कि टेंडर की शर्तें और तकनीकी मानक, चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किए गए थे। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और निजी कंपनियों को करोड़ों रुपये का अनुचित लाभ पहुंचा। जांच में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, बेडशीट व लिनन, सी-आर्म रेडियोलॉजी उपकरण, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, ORS, सर्जिकल सामान और दवाओं की खरीद में गड़बड़ियों के आरोप भी सामने आए।
बाजार से काफी ज्यादा कीमत पर खरीदे गए कई सामान
कई सामान कथित तौर पर बाजार कीमत से काफी अधिक दरों पर खरीदे गए। आरोप है कि असली प्रतिस्पर्धी कंपनियों को टेंडर प्रक्रिया से बाहर रखा गया। मामले में ACB ने 2 जून 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश की धाराओं में FIR दर्ज की थी। जांच के दौरान, कई महत्वपूर्ण खरीद संबंधी फाइलें उपलब्ध नहीं कराई गईं।
गायब रिकॉर्ड पर जवाब नहीं दे पाए आरोपी डॉ. रंगा
ACB का दावा है कि ये फाइलें डॉ. विनोद कुमार रंगा ने अपने निजी कब्जे में रखी थीं। पूछताछ के दौरान, डॉ. रंगा गायब रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। ACB ने कहा कि गायब फाइलों की बरामदगी, साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान और मनी ट्रेल की जांच के लिए उनकी हिरासत में पूछताछ जरूरी थी।
ACB की रिमांड में डॉ. रंगा उगलेंगे राज!
डॉ. विनोद कुमार रंगा को 18 जून, 2026 को गिरफ्तार किया गया। 19 जून 2026 को उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत ने ACB को 4 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की है। मामले में अन्य सरकारी अधिकारियों, निजी कंपनियों, सप्लायर्स और कथित लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच जारी है। ACB की जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
अब तक इन 20 डॉक्टर्स से हो चुकी है पूछताछ
इंडिया टीवी के पास उन डॉक्टर्स की लिस्ट जो ACB जांच के दायरे में हैं। अब तक 20 से ज्यादा डॉक्टर्स से पूछताछ की जा चुकी है। जांच में सामने आया है कि कुछ सामान जरूरत से ज्यादा कीमत पर खरीदे गए। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। कई अहम खरीद से जुड़ी फाइलें जांच के दौरान नहीं मिलीं। सूत्रों के मुताबिक, ACB जांच में सामने आया कि ये फाइलें डॉ. रंगा के पास थीं। पूछताछ में डॉ. रंगा फाइलों के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
खरीद प्रक्रिया में शामिल समितियों की भूमिका की हो रही जांच
ACB अब यह पता लगा रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल था। खरीद प्रक्रिया में शामिल कई समितियों की भूमिका की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, 100 से ज्यादा डॉक्टर और अधिकारी जांच के दायरे में आ सकते हैं। ACB यह भी पता लगा रही है कि किन कंपनियों को फायदा पहुंचा। सरकारी खजाने को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कई अधिकारियों और सप्लायरों से पूछताछ हो सकती है।