नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में 20 जुलाई को हुए जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक अधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए डीयू प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई जरूरी बातें कही हैं। आइए जानते हैं पूरी खबर।
पोस्ट में क्या कहा गया है?
दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने संदेश में लिखा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा उनके सर्वोपरि है। साथ ही पोस्ट में लिखा गया था कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसी भी प्रकार की गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन, जो नियमों के अनुरूप न हो करने से विद्यार्थियों को बचना चाहिए, नहीं तो कानूनी कार्वाई का कारण गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन बन सकता है। आगे इस पोस्ट में लिखा गया था कि गैरकानूनी गतिविधियां विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसरों पर भी असर डाल सकती हैं। आगे विद्यार्थियों से कानून व्यवस्था का पालन करने का आग्रह भी पोस्ट में किया गया था। साथ ही सोशल मीडिया पर तैर रही भ्रामक सामग्री से बचकर रहने की सलाह भी इस पोस्ट में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दी गई है।
जंतर-मंतर में क्या हुआ था?
दरअसल, 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान स्थितियां बेहद तनावपूर्ण हो गई थीं। प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पें भी देखने को मिलीं जिससे सरकारी संपत्ति का नुकसान भी हुआ। इस मार्च के दौरान पुलिस के वाहनों को भी प्रदर्शनकारियों के द्वारा तोड़ा गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस के द्वारा स्थिति को संभाला गया। पुलिस जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ की प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले कई लोग छात्र नहीं थे बल्कि बाहरी तत्व थे। पुलिस के द्वारा अभी भी इस मामले की छानबीन की जा रही है। वीडियो फुटेज के द्वारा उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। इसी कड़ी में अब दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने विद्यार्थियों को बहकावे में न आने की सलाह दी है और सतर्क रहने को कहा है। सूत्रों के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हिंसा में सीधे तौर पर शामिल पाए जाने वाले लोगों के पासपोर्ट रद्द किए जा सकते हैं।
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