दिल्ली में जंतर-मंतर पर रविवार सुबह CJP ने संसद मार्च शुरू किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने भारी सुरक्षा बलों को तैनात कर रखा है। पुलिस की तरफ से एक बयान में बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने इस संसद मार्च की परमीशन नहीं दी है। परमिशन नहीं होने के बावजूद यह मार्च निकाला जा रहा है, इसलिए जंतर-मंतर पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है। इस दौरान आरएएफ और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी देखने को मिली।
पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने एक्स पर एक बयान में कहा, "मीडिया के कुछ हिस्सों में जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस द्वारा हिंसा या लोगों को हिरासत में लेने की छिटपुट घटनाओं का जिक्र किया गया है। यह सूचित किया जाता है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और विरोध-प्रदर्शन को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है। सभी से अनुरोध है कि वे किसी भी अफवाह या गलतफहमी पर ध्यान न दें और उस जगह व उसके आस-पास शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें।
सुरक्षा बलों की तैनाती
बता दें कि जंतर-मंतर से संसद तक जाने वाले रास्ते में तीन लेयर की सिक्योरिटी बैरिकेडिंग की गई है। जंतर मंतर पर इस वक्त 5-6 हजार प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। इसके अलावा मौके पर 10 हजार से अधिक सुरक्षाबल के जवान तैनात हैं। जंतर मंतर से संसद तक के मार्ग पर टियर गैस, बैटन, वज्र वाहन तैनात हैं। वहीं दिल्ली में BNS की धारा 163 लागू कर दी है। जंतर-मंतर को छोड़कर कहीं भी 5 लोगों के एक जगह पर जमा होने की मनाही है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वो लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन रखें और कानून को अपने हाथ में ना लें।
सोनम वांगचुक की शर्तें
इस बीच सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी चिट्ठी पोस्ट कर उन शर्तों के बारे में बताया है। उन्होंने चिट्ठी में 3 शर्तें लिखी हैं। सोनम वांगचुक की पहली शर्त, सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की नाकामियों, पेपर लीक वगैरह की जिम्मेदारी ले। दूसरी शर्त, सोनम और CJP की लीडरशिप को संसद तक पहुंचने दिया जाए और तीसरी शर्त वहां अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता भरोसा दिलाएं कि वे अब संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे और अगर उनकी सेहत या दूसरी वजहों से ऐसा करना मुमकिन ना हो, तो अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता अस्पताल में आकर चिट्ठी में बताई गई बातों का भरोसा दिलाएं।
BNS की धारा 163 लागू
बता दें कि इससे पहले पुलिस उपायुक्त (DCP) सचिन शर्मा ने रविवार को एक्स पर एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की। इसमें उन्होंने कहा, 'दिल्ली पुलिस स्पष्ट करती है कि इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही दी गई है। नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है।' एक्स पर जारी एडवाइजरी में बताया गया, 'इसके तहत जंतर-मंतर स्थित निर्धारित प्रदर्शन स्थल को छोड़कर, वह भी पूर्व अनुमति के साथ, विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन और 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर सख्त रोक है।'
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