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'हम तो औरंगज़ेब और बिट्टा कराटे से भी नहीं डरे', JNU की दीवारों पर लिखे विवादित नारों पर छात्र का पलटवार

 Reported By: Abhay Parashar, Edited By: Ravi Prashant
 Published : Dec 02, 2022 01:05 pm IST,  Updated : Dec 02, 2022 02:00 pm IST

जेएनयू फिर से विवादों में छा गया है। इस बार कैंपस की दीवारों पर ब्राह्मण और बनिया विरोधी विवादित नारे लिए गए हैं।

जेएनयू विवाद - India TV Hindi
जेएनयू विवाद Image Source : TWITTER

नई दिल्ली: जेएनयू का नाम सुनते ही कई बातें याद आ जाती है। इसी विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों के ऊपर आरोप लगा। कैंपस के अंदर पाकिस्तान जिंदाबाद और भारत तेरे टुकड़े होंगे के जैसे नारे लगाए हैं। हमेशा विवादों से घिरे रहने वाला जेएनयू एक बार फिर से चर्चा का विषय बना है। जवाहरलाल नेहरू नेशनल यूनिवर्सिटी में कैंपस के अंदर एक नया बवाल हो गया है। विश्वविद्यालय के  दीवारों पर ब्राह्मणों और बनियों के खिलाफ नारे लिखे गए हैं। जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज की दीवारों पर असामाजिक तत्वों ने ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अमर्यादित नारे लिखे।

दीवारों पर लिखा कि खून बहेगा 

दीवारों पर लाल रंग से लिखा गया- 'ब्राह्मणों कैंपस छोड़ो' 'ब्राह्मणों-बनियों हम तुम्हारे लिए आ रहे हैं, तुम्हें बख्शा नहीं जाएगा' और 'शाखा लौट जाओ'। इसके अलावा लिखा था कि यहां पर अब खून बहेगा। विश्वविद्यालय परिसर में जाति विशेष के खिलाफ लिखी गई इन बातों से जेएनयू एक बार फिर विवादों में आ गया है। 

छात्रों अपनी नाराजगी जाहिर की
विश्वविद्यालय के कई छात्रों और छात्र संगठनों ने जेएनयू परिसर की दीवारों पर लिखे ब्राह्मण और बनिया विरोधी नारों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। वहीं विश्वविद्यालय में ब्राह्मणों और बनियों के खिलाफ लिखी सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई हैं, जिससे विभिन्न छात्र संगठनों में आक्रोश है।

औरंगज़ेब और बिट्टा कराटे की एंट्री 
इस संबंध में इंडिया टीवी से खास बातचीत में एक छात्र ने बताया कि ये जूएनयू कैंपस के भीतर आम बात है। यहां पर लोगों को जाति सूचक के नाम पर टारगेट किया जाता है। वहीं छात्रों ने कहा कि हम पढ़ने आए हैं लेकिन इस तरह की घटना से विश्वविद्यालय के भीतर का महौल खराब होता है। वही एक छात्र ने कहा कि इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही, छात्र ने कहा कि इस घटना के 24 घंटे हो गए लेकिन अबतक नारे नहीं हटाए गए हैं। छात्र ने लिखने वालों को नसीहत देते हुए कहा कि 'जिसने भी ये लिखा है, उन्हें बता दें कि हम भयभीत तो औरंगज़ेब और बिट्टा कराटे से भी नहीं हुए। आप तो फिर भी छूपकर लिख रहे हैं।

अगर हिम्मत हैं तो सामने से आकर लिखों। छात्र ने कहा कि हमें संविधान पर पूरा भरोसा है।'वहीं विश्वविद्यालय के भीतर से अन्य फोटो भी सामने आई हैं, जिसमें शिक्षकों के दरवाजे पर भी विवादित नारे लिखे गए हैं। 

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