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दिल्ली के सभी अस्पताल एंट्री गेट पर LED लगाकर बेड उपलब्धता की जानकारी दें: एलजी

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 10, 2020 06:18 pm IST,  Updated : Jun 10, 2020 07:22 pm IST

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने यह आदेश दिया है कि दिल्ली के सभी अस्पताल अपने-अपने एंट्री गेट पर LED लगाकर बेड उपलब्धता की सूचना प्रसारित करें।

दिल्ली के सभी अस्पताल एंट्री गेट पर LED लगाकर बेड उपलब्धता की सूचना दें: एलजी- India TV Hindi
दिल्ली के सभी अस्पताल एंट्री गेट पर LED लगाकर बेड उपलब्धता की सूचना दें: एलजी Image Source : PTI

नई दिल्ली: दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के तेजी से फैलाव और अस्पताल में इलाज के लिए बेड की कमी खबरें सामने आने के बाद अब दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने यह आदेश दिया है कि दिल्ली के सभी अस्पताल अपने-अपने एंट्री गेट पर LED लगाकर बेड उपलब्धता की सूचना प्रसारित करें। दिल्ली के उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव से कहा कि बिस्तरों की उपलब्धता और शुल्क के बारे में जानकारी के लिए सभी प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में एलईडी बोर्ड की स्थापना सुनिश्चित की जाए। 

दिल्ली के उपराज्यपाल ने DDMA प्रमुख के तौर पर आदेश जारी किया कि सभी अस्पताल अपने अपने एंट्री गेट पर बड़े LED पर यह सूचना जारी करेंगे कि उनके यहां कितने बेड हैं और कितनी फीस है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वो इस बात की निगरानी करे कि अस्पताल के द्वारा दी गयी सूचना और दिल्ली सरकार के एफ के डेटा में मिलान है अथवा नहीं।

उपराज्यपाल ने अपने पत्र में कहा कि स्वास्थ्य विभाग को सलाह दी जा सकती है कि यह सुनिश्चित करे कि इन एलईडी बोर्ड पर प्रदर्शित जानकारी दिल्ली सरकार के ऐप पर उपलब्ध सूचना के अनुरूप हो। इस कदम का उद्देश्य कोविड-19 महामारी के दौरान अस्पताल बेड के आवंटन में पारदर्शिता बढाना है। बैजल ने एक पत्र में कहा, ‘‘पारदर्शिता बढ़ाने और जनता की सुविधा के लिए दिल्ली के सभी प्रमुख अस्पतालों, क्लीनिक, नर्सिंग होम को निर्देशित किया जाना चाहिए कि वे अपनी इकाई के बाहर प्रवेश स्थल पर एलईडी बोर्ड पर बड़े अक्षरों में बेड की उपलब्धता (कोविड-19 और गैर कोविड-19 दोनों), बेड या कमरे का शुल्क और भर्ती होने के लिए सम्पर्क किये जाने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी दें।’’

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष उपराज्यपाल ने कहा कि डीडीएमए द्वारा प्रतिनियुक्त अधिकारियों द्वारा समय समय पर औचक निरीक्षण किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्वास्थ्य इकाइयों द्वारा सही आंकड़ा प्रदर्शित किया गया है। साथ ही किसी भी जरूरतमंद मरीज को भर्ती करने से इनकार नहीं किया जाए या उससे अधिक शुल्क नहीं वसूला जाए। इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार ‘‘केंद्र का निर्णय’’ और अनिल बैजल के आदेश को लागू करेगी जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आरक्षण को लेकर निर्णय को पलट दिया है।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार के सामने आगे ‘‘अभूतपूर्व चुनौतियां’’ हैं क्योंकि आंकड़ों से पता चलता है कि कोविड-19 के मामले आने वाले दिनों में तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली को स्वास्थ्य देखभाल इकाइयों में 31 जुलाई तक डेढ़ लाख बेड की जरूरत होगी जब अन्य राज्यों से लोग यहां इलाज के लिए आना शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि आप सरकार सभी को इलाज मुहैया कराने का एक ‘‘ईमानदार प्रयास’’ करेगी। 

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