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सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में MCD का बड़ा एक्शन, 41 जगहों पर चला बुलडोजर; 61 संपत्तियां सील

 Reported By: Anamika Gaur,  Bhasker Mishra,  Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Sep 11, 2026 07:05 am IST,  Updated : Sep 11, 2026 07:05 am IST

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में MCD ने अवैध और जर्जर इमारतों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। गुरुवार को 41 जगहों पर ध्वस्तीकरण और 61 संपत्तियों की सीलिंग हुई। इस बीच 1,355 ऐसी इमारतों का सर्वे किया गया जिनमें PG चल रहा है।

Delhi MCD Action, Satya Niketan Building Collapse- India TV Hindi
दिल्ली में MCD जर्जर इमारतों के खिलाफ अभियान चला रही है। Image Source : PTI

Highlights

  • सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के सभी 12 जोन में MCD का बुलडोजर एक्शन जारी।
  • 41 जगहों पर ध्वस्तीकरण, 61 संपत्तियां सील और 32 को कारण बताओ नोटिस।
  • छात्रों के लिए वैकल्पिक हॉस्टल तलाशेगी 18 सदस्यीय कमेटी, 60 दिन में देगी रिपोर्ट।

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद अवैध निर्माण, जर्जर इमारतों और बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन के खिलाफ MCD का अभियान तेज हो गया है। नगर निगम की टीमें राजधानी के सभी 12 जोन में लगातार जांच और कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारी घर-घर जाकर इमारतों की स्थिति देख रहे हैं और खामियां मिलने पर नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को 41 जगहों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि 61 संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा 32 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और ध्वस्तीकरण के 3 आदेश भी दिए गए।

गांधी विहार में 65 इमारतें खतरनाक घोषित

सत्य निकेतन हादसे के बाद नॉर्थ दिल्ली के गांधी विहार में भी जर्जर और झुकी हुई इमारतों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया गया है। MCD की जांच में गांधी विहार के एफ-ब्लॉक की 65 इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया है। इलाके में कई मकान एक तरफ झुक चुके हैं। कई इमारतों के बीच सिर्फ 5 इंच से लेकर 2 फीट तक का गैप रह गया है। इससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से ऐसी खतरनाक इमारतों को खाली करने के निर्देश दिए हैं।

ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल जोन में भी कार्रवाई

MCD ने गुरुवार को ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल जोन में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ईस्ट जोन में खुरेजी खास, जगतपुरी और लक्ष्मी नगर समेत कई इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई हुई। वेस्ट जोन में पश्चिम पुरी, मादीपुर, सुभाष नगर, सोम बाजार रोड, विपिन गार्डन, उत्तम नगर, बक्करवाला रोड, नंगली विहार, निहाल विहार और नांगलोई में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। वहीं सेंट्रल जोन के मदनपुर खादर एक्सटेंशन में एक G+5 इमारत के खिलाफ कार्रवाई की गई। यहां पांचवीं मंजिल के 4 पैनल काटे गए और इसके बाद पूरी इमारत को सील कर दिया गया।

चांदनी चौक में MCD ने 54 दुकानें की सील

चांदनी चौक के कूचा महाजनी ज्वेलरी मार्केट में भी MCD ने बड़ी कार्रवाई की। नगर निगम की टीम ने अलग-अलग इमारतों के बेसमेंट में बनी दुकानों को सील किया। अब तक यहां कुल 54 दुकानें सील की जा चुकी हैं। MCD की इस कार्रवाई से कारोबारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई से उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है। राजधानी में कई जगह जर्जर इमारतों पर हथौड़े और ड्रिल मशीन से कार्रवाई की जा रही है। कुछ इलाकों में बुलडोजर भी चलाए जा रहे हैं। हादसे की आशंका वाली इमारतों को पहले खाली कराया जा रहा है और फिर उन्हें सील किया जा रहा है।

MCD के तीन अधिकारी सस्पेंड

अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के बीच MCD ने अपने ही 3 अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। गुरुवार को साउथ वेस्ट जोन के भवन निर्माण विभाग से जुड़े AE रविंदर कुमार, JE सुमन सौरभ और JE मोहित यादव को सस्पेंड कर दिया गया। यानी कार्रवाई सिर्फ अवैध निर्माण करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले निगम अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा एक्शन हुआ था और MCD के डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारी सस्पेंड हुए थे

1355 इमारतों में PG का सर्वे

MCD की टीमें दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में चल रहे PG का भी सर्वे कर रही हैं। अब तक 1,355 इमारतों का सर्वे किया जा चुका है। इन इमारतों में करीब 27 हजार छात्र रह रहे हैं। सर्वे के दौरान 1,304 इमारतें सुरक्षित मिलीं। इनमें 26,917 लोग रह रहे हैं। वहीं 3 इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया है, जबकि 9 इमारतों में बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत पाई गई है। अवैध PG और इमारतों पर हो रही कार्रवाई के कारण छात्रों के सामने रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है।

छात्रों की मदद के लिए LG ने बनाई कमेटी

छात्रों की इस समस्या को देखते हुए दिल्ली के LG तरनजीत सिंह संधू ने 18 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी के गठन को मंजूरी दी है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी को PG से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा करने के साथ-साथ छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने की जिम्मेदारी दी गई है। इस कमेटी को निम्नलिखित काम सौंपे गए हैं:

  1. छात्रों के लिए वैकल्पिक हॉस्टल विकसित करने की संभावनाएं देखेगी।
  2. खाली पड़ी सरकारी इमारतों का छात्रों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं, इसकी जांच करेगी।
  3. PG से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा करेगी।
  4. गठन की तारीख से 60 दिन के भीतर ठोस सिफारिशों के साथ रिपोर्ट देगी।

दिल्ली में अब अपनी SDRF भी होगी

दिल्ली सरकार ने प्राकृतिक और मानवीय आपदाओं से निपटने की क्षमता मजबूत करने के लिए अपनी स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में हाईलेवल बैठक हुई। इसमें NDRF अधिकारियों के साथ SDRF के गठन पर चर्चा की गई। योजना के तहत दिल्ली में SDRF की एक बटालियन बनाई जाएगी, जिसमें अधिकतम 1,100 जवान होंगे। यह बटालियन दिल्ली सरकार के अधीन काम करेगी। SDRF जवानों को NDRF जरूरी प्रशिक्षण देगा। इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट और सिविल डिफेंस वॉलंटियरों को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि आपदा या बड़े हादसे में राहत-बचाव तेजी से हो सके।

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