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दिल्ली MCD चुनाव के लिए आज वोटिंग, 1349 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे 1.45 करोड़ मतदाता

 Published : Dec 03, 2022 08:00 pm IST,  Updated : Dec 03, 2022 11:55 pm IST

Delhi MCD Election 2022: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। एमसीडी के 250 वार्डों के 1349 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 1 करोड़ 45 लाख मतदाता करेंगे। रविवार को सुबह आठ बजे से वोट डाले जाएंगे। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा कांग्रेस के बीच मुकाबला है।

सुरक्षा के मद्देनजर तैनात दिल्ली पुलिस- India TV Hindi
सुरक्षा के मद्देनजर तैनात दिल्ली पुलिस Image Source : PTI (FILE IMAGE)

Delhi MCD Election 2022: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। एमसीडी के 250 वार्डों के 1349 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 1 करोड़ 45 लाख मतदाता करेंगे। आज सुबह आठ बजे से वोट डाले जाएंगे। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। शांति और निष्पक्षता से चुनाव संपन्न कराने के लिए 40 हजार पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।

मतदान सुबह आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक होगा और मतगणना सात दिसंबर को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में मतदाताओं की कुल संख्या 1,45,05,358 है, जिसमें 78,93,418 पुरुष, 66,10,879 महिलाएं और 1,061 ट्रांसजेंडर हैं। परिसीसन की कवायद और उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली नगर निगमों को मिलाकर एकीकृत एमसीडी बनाने के बाद यह पहला चुनाव है। एकीकृत एमसीडी 22 मई से अस्तित्व में आई है।

दिल्ली एमसीडी के 64 साल पूरे

आज यानी रविवार को होने वाला मतदान गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान से तीन दिन बाद और दूसरे चरण के मतदान से एक दिन पहले हो रहा है। एमसीडी को 1958 में स्थापित किया गया था। 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल के दौरान इसे तीन हिस्सों- उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली नगर निगमों में बांट दिया गया था। हालांकि, इस साल फिर से तीनों को एकीकृत कर दिया गया। राज्य चुनाव आयुक्त विजय देव द्वारा चार नवंबर को एमसीडी चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही दिल्ली में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई थी। ‘आप’ और भाजपा दोनों ने विश्वास जताया है कि वे चुनावों में विजयी होंगी, जबकि कांग्रेस खोया हुआ अपना जनाधार हासिल करने की कोशिश कर रही है।

सभी पार्टियों ने झोंकी पूरी ताकत
चुनाव से पहले दिल्ली में ‘आप’ और भाजपा के बड़े नेताओं ने प्रचार किया और गलियों में घूम कर अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए वोट मांगे। राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि चुनाव अधिकारी और उसकी टीम रविवार को होने वाले इस मतदान के लिए पूरी तरह तैयार हैं और सुरक्षा बलों की तैनाती के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। आयोग ने शुक्रवार को कहा कि उसने सुगमता से मतदान कराने के लिए पूरी व्यवस्था की है। दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों के बाद नगर निगम का यह पहला चुनाव है।

3360 बूथ संवेदनशील
अधिकारियों की ओर साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 493 स्थानों पर 3360 बूथ को संवेदनशील घोषित किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एमसीडी चुनाव सुगम तरीके से कराने के लिए करीब 40,000 पुलिसकर्मी, 20,000 होमगार्ड और अर्द्धसैनिक तथा राज्य सशस्त्र पुलिस बलों की 108 कंपनी को तैनात किया जाएगा। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि 68 मतदान केंद्रों को मॉडल मतदान केंद्र बनाया गया है, जबकि 68 को ‘पिंक’ मतदान केंद्र बनाया गया है। साल 2017 में हुए निकाय चुनाव में भाजपा ने कुल 270 वार्ड में से 181 में जीत हासिल की थी। प्रत्याशियों के निधन के कारण दो सीट पर मतदान नहीं हो सका था। ’आप’ ने 48 और कांग्रेस ने 27 वार्ड में जीत दर्ज की थी। 2017 में 53 फीसदी मतदान हुआ था।

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