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दिल्ली में हाइब्रिड वर्किंग खत्म, मध्य-पूर्व तनाव कम होते ही सरकार ने लिया बड़ा फैसला

 Published : Jul 04, 2026 12:56 pm IST,  Updated : Jul 04, 2026 12:56 pm IST

दिल्ली सरकार ने मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के चलते हाइब्रिड वर्किंग करने का फैसला लिया था। हालांकि अब तनाव कम होने के बाद सरकार ने फैसले को वापस ले लिया है।

Delhi News- India TV Hindi
दिल्ली में हाइब्रिड वर्किंग खत्म Image Source : MAGNIFIC

दिल्ली सरकार द्वारा मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के चलते हाइब्रिड वर्क पॉलिसी का फैसला लिया गया था। हालांकि अब सरकार ने हाइब्रिड वर्क पॉलिसी खत्म कर दी है। अधिकारियों के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की खबरों और मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बाद यह फैसला सरकार द्वारा लिया गया। इस फैसले के बाद अब सरकारी कर्मचारियों को रेगुलर ऑफिस आना होगा। सरकार के द्वारा हाइब्रिड वर्क सिस्टम इसलिए लागू किया गया था ताकि फ्यूल की खपत कम से कम हो। 

डीजल-पेट्रोल की बचत के लिए लिया गया था फैसला

मिडिल ईस्ट संकट के दौरान जब अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई थी तब प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी ने फ्यूल बचाने की अपील की थी। इस अपील के बाद सरकारी कर्मचारी डीजल, पेट्रोल की खपत को बचाने के लिए दो दिन घर से काम कर रहे थे। वर्क फ्रॉम होम नियमों के साथ कई और बदलाव भी उस दौरान किए गए थे।  ऑफिस के समय को एडजस्ट किया गया, सरकारी गाड़ियों के लिए फ़्यूल का आवंटन लगभग 20 प्रतिशत कम कर दिया गया, और कुछ डिपार्टमेंट ने फ़्यूल बचाने के लिए सरकारी गाड़ियों के काफ़िले का साइज भी काफी कम कर दिया था। आपको बता दें कि सरकारी कर्मचारियों के लिए बुधवार और शनिवार के दिन को वर्क फ्रॉम होम के लिए तय किया गया था। 

अब वापस पुराने समय के अनुसार शुरू होगा काम

दिल्ली सरकार के नए आदेश के अनुसार अब सरकारी कर्मचारी पहले की तरह ही काम शुरू करेंगे। यानि सुबह 10 से शाम 6 बजकर 30 मिनट तक कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित रहेंगे और वर्क फ्रॉम होम की इजाजत भी नहीं होगी। हालांकि दिल्ली नगर निगम अपने मौजूद शेड्यूल के अनुसार सुबह  8:30 से शाम 5:00 बजे तक काम करता रहेगा, इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के द्वारा हाइब्रिड वर्क अरेंजमेंट को 90 दिन का अस्थायी उपाय बताया गया था। मकसद यही था कि फ्यूल की डिमांड को मैनेज किया जाए, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा मिले और वैश्विक अनिश्चितता के बीच एनर्जी को बचाया जा सके। सरकार की इस पहल के बाद सरकारी क्षेत्र के साथ ही कुछ निजी कंपनियों ने भी हाइब्रिड वर्किंग लागू की थी। 

(इनपुट- पीटीआई)

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