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अब सभी इमर्जेंसी के लिए एक नंबर, दिल्ली में हुई सिंगल हेल्पलाइन नंबर 112 की शुरुआत

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 26, 2019 07:23 am IST,  Updated : Sep 26, 2019 07:23 am IST

केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को तत्काल सहायता मुहैया कराने के लिये एक आपात हेल्पलाइन नंबर 112 की शुरुआत की।

Dial 112- India TV Hindi
Dial 112

नयी दिल्ली। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को तत्काल सहायता मुहैया कराने के लिये एक आपात हेल्पलाइन नंबर 112 की शुरुआत की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। केन्द्रीय मंत्री ने शहर में सड़कों पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिये 'प्रखर' वैन का भी शुभारंभ किया। 

डीसीपी (संचालन एवं संचार) एस के सिंह ने कहा, "नए इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस-112) के लागू होने के साथ ही पुलिस प्रतिक्रिया का समय बहुत कम हो जाएगा। इस नयी प्रणाली में एक कॉल मोबाइल ऐप के जरिये पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) के साथ-साथ कम से कम पांच लोगों के पास पहुंचेगी। मुख्य कॉल सेंटर शालीमार बाग में स्थापित किया गया है।" अधिकारियों ने कहा कि इन 'प्रखर' वैनों को शुरू में 15 अपराध संभावित स्थानों पर तैनात किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।

कैसे काम करेगी 112 हेल्‍पलाइन सेवा 

अब तक 100 या फिर 101 डायल करने पर कॉल पहले दिल्ली पुलिस मुख्यालय में स्थित कंट्रोल रूम में बाकायदा रिकॉर्ड की जाती थी। फिर उसे वायरलेस के जरिए संबंधित थाने-दमकल सेवा केंद्र या फिर अस्पताल को नोट कराया जाता था। इस कसरत से धन, श्रम, शक्ति-वक्त बहुत ज्यादा बर्बाद होता था। अब 'डायल-112' पर इमरजेंसी कॉल रिकार्ड होने के साथ खुद-ब-खुद संबंधित विभाग को जाती रहेगी, बिना किसी बिलंब के।

विशेष पुलिस आयुक्त मुक्तेश चंद्र के मुताबिक, "डायल-112 पर आई इमरजेंसी-कॉल को दिल्ली पुलिस नियंत्रण कक्ष की जिप्सी तक पहुंचाने के लिए अब वायरलेस के भी इस्तेमाल की जरूरत नहीं होगी। वायरलेस का झंझट खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस की सभी पीसीआर जिप्सियों को स्मार्ट फोन से लैस कर दिया गया है।"

सी-डेक ने तैयार किया है सिस्‍टम 

विशेष पुलिस आयुक्त (ऑपरेशंस) डॉ. मुक्तेश चंद्र ने बताया, "डायल-112 से समय, श्रम, धन तीन चीजों की बचत होगी।" दिल्ली में 'डायल-112' को मूर्त रूप देने में सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग यानी 'सी-डेक' का सराहनीय योगदान रहा है। डायल-112 का सॉफ्टवेयर सी-डेक ने ही ईजाद किया है। मुक्तेश चंद्र ने कहा, "100, 101, 102 अगर कोई शख्स मुसीबत में मदद के लिए डायल करेगा, तब भी उसकी कॉल 'डायल-112' पर ही जाकर स्वत: कनेक्ट हो जाएगी। आप चाहे कोई भी पुराना नंबर (101, 101,102) डायल करें, दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम में दूसरी ओर से आपको 'डायल-112 में आपका स्वागत है' की ही आवाज सुनाई देगी।"

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