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Telegram से बैन हटेगा या नहीं? दिल्ली हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, जानें सरकार और ऐप ने अदालत में क्या रखीं दलीलें

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : Jun 18, 2026 06:58 pm IST,  Updated : Jun 18, 2026 07:06 pm IST

टेलीग्राम ऐप पर 22 जून के बाद भी बैन जारी रहेगा या नहीं, इसको लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। पढ़ें हाईकोर्ट में दोनों पक्षों ने क्या-क्या दलीलें रखीं।

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दिल्ली हाईकोर्ट में Telegram पर अस्थायी बैन को लेकर अहम सुनवाई हुई। Image Source : ANI/AP

नई दिल्ली: भारत में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर लगाए गए अस्थायी बैन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में आज (गुरुवार को) महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। केंद्र सरकार और टेलीग्राम की तरफ से दलीलें पेश की गईं, जिसके बाद जस्टिस तेजस कारिया ने इस केस में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। फिलहाल, टेलीग्राम पर केंद्र सरकार की तरफ से लगाया गया अस्थायी बैन 22 जून तक प्रभावी रहेगा।

केंद्र सरकार ने किया Telegram पर बैन का बचाव

केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान, टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी बैन का जोरदार बचाव किया। केंद्र सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि NEET Re-Exam के दौरान नकल और पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क के लिए Telegram एक प्रमुख जरिया बन गया था। केंद्र सरकार का कहना है कि प्लेटफॉर्म की खास तकनीकी संरचना की वजह से उस पर अवैध कंटेट और एग्जाम से जुड़े लीक दस्तावेज तेजी से फैलाए जा रहे थे।

लाखों स्टूडेंट्स के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उठाया कदम

दिल्ली हाईकोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के अंतर्गत सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही बैन लगाया गया। केंद्र सरकार के अनुसार, इस निर्णय की समीक्षा कैबिनेट सेक्रेटरी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने भी की थी। तुषार मेहता ने आगे कहा कि लाखों स्टूडेंट्स के फ्यूचर और नेशनल लेवल के एग्जाम की पवित्रता को बनाए रखने के लिए यह स्टेप उठाना जरूरी था।

पूरे प्लेटफॉर्म पर बैन गलत- टेलीग्राम के वकील

वहीं, टेलीग्राम की तरफ से सीनियर एडवोकेट ध्रुव मेहता ने बैन को असंवैधानिक कहा। ध्रुव मेहता ने दलील दी कि कुछ लोगों की तरफ से टेलीग्राम के गलत इस्तेमाल के आधार पर पूरे कम्युनिकेशन सिस्टम को बंद करना गलत है। जांच एजेंसियों के साथ टेलीग्राम लगातार सहयोग कर रहा है। साथ ही, नियमों को तोड़ने वाले चैनलों और ग्रुप्स के खिलाफ एक्शन भी ले रहा है।

टेलीग्राम ने की लाखों वैध यूजर्स के अधिकारों की बात

टेलीग्राम ने यह भी कहा कि पूरे प्लेटफॉर्म को बंद करना लाखों वैध यूजर्स के अधिकारों को प्रभावित करता है। हालांकि, केंद्र सरकार ने जवाब में कहा कि अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले टेलीग्राम की संरचना अलग है और यही वजह है कि उसके खिलाफ खास एक्शन लिया गया।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजरें दिल्ली हाईकोर्ट के उस ऑर्डर पर टिकी हुई हैं, जिससे यह तय किया जाएगा कि 22 जून के बाद टेलीग्राम पर बैन जारी रहेगा या नहीं।

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