1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. परीक्षा के दौरान टीचर ने की थी गंदी हरकत, डिप्रेशन में आकर अब छात्रा ने दी अपनी जान

परीक्षा के दौरान टीचर ने की थी गंदी हरकत, डिप्रेशन में आकर अब छात्रा ने दी अपनी जान

 Published : Mar 03, 2025 05:20 pm IST,  Updated : Mar 03, 2025 05:20 pm IST

ओडिशा में एक टीचर की गलत हरकत के कारण एक छात्रा ने खुदकुशी कर ली है। आरोप है कि टीचर ने परीक्षा के दौरान चेकिंग के नाम पर छात्रा से छेड़छाड़ की थी, जिसके बाद छात्रा ने बड़ा कदम उठा लिया है।

odisha- India TV Hindi
सांकेतिक फोटो Image Source : PIXABAY

केंद्रपाड़ा: ओडिशा में एक शिक्षक ने गुरु-शिष्य के रिश्ते को तार-तार कर दिया है, जिसकी वजह से एक छात्रा ने अपनी जान भी दे दी है। राज्य के केंद्रपाड़ा जिले के पट्टामुंडई कॉलेज में पढ़ने वाली 12वीं की एक छात्रा ने अपने टीचर की गलत हरकत से तंग आकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि परीक्षा के दौरान एक शिक्षक ने उसे गलत तरीके से छुआ, जिससे वह डिप्रेशन में आ गई और उसने यह कदम उठा लिया। इस घटना से पूरे इलाके में रोष दिखाई दे रही है। छात्रा की मां ने पट्टामुंडई देहात पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

चेकिंग के बहाने बाहर बुलाकर की गलत हरकत

एफआईआर के मुताबिक, 19 फरवरी को परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक शिक्षक ने छात्रा को चेकिंग के बहाने बाहर बुलाया और उसके साथ अश्लील हरकत की। जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो शिक्षक ने उसे परीक्षा से निकालने की धमकी दी और किसी को न बताने की चेतावनी दी। डरी-सहमी छात्रा 10 मिनट बाद जब परीक्षा देने अपनी सीट पर लौटी, तो वह घबराकर रोने लगी थी। इस मानसिक आघात के कारण वह ठीक से परीक्षा भी नहीं दे पाई।

कॉलेज और पुलिस ने भी पहले मामला टाला 

घर पहुंचने पर उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई। परिजन कॉलेज प्रशासन के पास गए, लेकिन कथित तौर पर उन्हें परीक्षा खत्म होने के बाद मामले को देखने की बात कहकर लौटा दिया गया। पर छात्रा शिक्षक की इस गलत हरकत का सदमा बर्दाश्त न कर सकी और 24 फरवरी को उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस ने शुरुआत में इसे अप्राकृतिक मृत्यु का मामला मानकर जांच शुरू की, लेकिन शनिवार को जब छात्रा की मां ने लिखित शिकायत दर्ज कराई, तो पुलिस ने जांच तेज कर दी।

मां ने कही ये बात

मृतका की माँ ने कहा,"लड़की कॉलेज गई थी, 19 फरवरी को उसकी परीक्षा थी। जब वो वापस लौटी तो मैं बैंक गई हुई थी। बैंक से लौटने के बाद मैंने देखा कि कॉलेज से लौटकर वो अपने कमरे में रो रही थी। मैंने पूछा क्या हुआ तो उसने कहा कि माँ मुझे आधे घंटे तक परीक्षा देने से रोक दिया गया। मैने पूछा क्यों तो उसने कहा कि मुझे चेक किया जा रहा था। मैंने पूछा कि क्या बाकी लोगों को भी चेक किया जा रहा था? तो उसने कहा कि सिर्फ मुझे चेक किया जा रहा था। मेरी बेटी ने आगे बताया कि जब उसकी जांच की जा रही थी तो उसने आपत्ति उठाते हुए जांचकर्ता से उसे कॉमन रूम ले जाने को कहा क्योंकि वहां अधिकतर पुरुष शिक्षक मौजूद थे। ऐसा कहने पर उसे गलत चीजें कही गईं और कहा गया कि उसके मार्क काट दिए जाएंगे।"

मृतका की मां ने आगे बताया, "मेरी बेटी ने कहा कि जब वो परीक्षा लिख रही थी तब इनविजिलेटर बार बार गलत ढंग से उसका हाथ पकड़ रहे थे और उसे गलत तरीके से घूर रहे थे। उस घटना के बाद से मेरी बेटी परेशान रहने लगी। मैंने उससे कहा कि ठीक है हम इस बारे में 25 फरवरी को प्रधानाचार्य से बात करेंगे, पर फिर भी उसके दिमाग से ये चीजें नहीं हट रही थी। घटना के दिन मैं जब बाजार से लौटी तो मैंने पाया कि घर का दरवाजा अंदर से बंद था और मेरी बेटी से फांसी लगा ली थी।"

कॉलेज के प्रधानशिक्षक ने दी सफाई

वहीं, घटना को लेकर पट्टामुंडई कॉलेज के प्रधानशिक्षक ने दिलीप कुमार भुइयां कहा, "मुझे बड़ा दुःख है कि हमारी कॉलेज की छात्रा ने ऐसा कदम उठा लिया है, जो हम सभी शिक्षकों के लिए एक दुखद घटना है लेकिन अब जो आरोप लग रहे हैं। मेरे पास अभी तक इस बाबत कोई शिकायत नहीं आई है और न ही हमारे कॉलेज परिसर में ऐसी कोई घटना घटी है। 19 तारीख को छात्रा ने परीक्षा दिया और 24 तारीख को उसने आत्महत्या कर ली। लिहाजा 25 तारीख की परीक्षा के लिए वह अनुपस्थित रही। गेट चेकिंग की जो बात उठ रही है। हम किसी भी पुरुष अध्यापक को छात्राओं की चेकिंग की जिम्मेदारी नहीं देते। हमारे रिकॉर्ड के अनुसार हमने उस दिन 4 महिला शिक्षकों की ड्यूटी लगाई थी जो कॉमन रूम में ही थी। छात्राओं की चेकिंग कॉमन रूम में ही होती है, बाहर नहीं।"

प्रधानशिक्षक ने आगे कहा, "पट्टामुंडई कॉलेज एक नोडल कॉलेज है लिहाजा यहां बाहर से कोई स्क्वॉड नहीं आते, बल्कि यहां से स्क्वॉड बाहर जाता है। हमारा एक इंटरनल स्क्वॉड है जो परीक्षाओं के दौरान देखरेख करता है। हमने और पुलिस ने मिलकर सीसीटीवी में देखा है कि छात्रा ने पूरे 3 घंटे परीक्षा कक्ष में बिताए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज को अपने साथ लेकर गई है। सिर्फ 30 सेकंड के लिए छात्रा परीक्षा कक्ष से बाहर गई थी। परीक्षा कक्ष ऊपर के फ्लोर में है, लिहाजा ऊपर के फ्लोर के दरवाजों को परीक्षा शुरू होते ही बंद कर दिया जाता है। उस फ्लोर पर सिर्फ 2 लोग मौजूद होते हैं जिनका काम सिर्फ पानी सप्लाई करना होता है।"

बहरहाल पुलिस अब कॉलेज के CCTV फुटेज की जांच कर रही है, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। वहीं, इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में गुस्सा दिख रहा है। स्थानीय लोग दोषी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें:

कब तक आएंगे बिहार बोर्ड के कक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट? यहां जानें संभावित तारीख

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। एजुकेशन से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।